पॉक्सो और जुवेनाइल एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत जेल में निरूध्द डिंडौरी जिले के जुनवानी स्थित कैथोलिक स्कूल के प्राचार्य को हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट जस्टिस नंदिता दूबे ने अपने आदेश में कहा, पीड़ित बच्चों ने कोर्ट में उपस्थित होकर आरोपों से इनकार किया है। दो बच्चों के अभिभावकों ने सीडब्ल्यूसी और पुलिस कार्रवाई के संबंध में कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने की बात गई है। एकलपीठ ने प्राचार्य को जमानत का लाभ प्रदान करते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बता दें कि डिंडौरी जिले के जुनवानी स्थित कैथोलिक स्कूल के प्राचार्य नाम सिंह यादव की तरफ से जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था, तीन मार्च को मध्यप्रदेश के बाल अधिकार संरक्षण आयोग की एक टीम ने स्कूल और उसके छात्रावास का निरीक्षण किया था। टीम आठ लड़कियों को अपने साथ ले गई थी, जिसकी सूचना उनके माता-पिता तथा छात्रावास के अधिकारियों नहीं दी गई थी। महिला और बाल कल्याण विभाग की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि पूर्व में न्यायालय में उपस्थित होकर चार पीड़ित बच्चों ने आरोप से इनकार किया है। बच्चों ने न्यायालय को बताया कि पुलिस टीम के सदस्य उन्हें ले गए थे। डर के कारण उन्होंने कोरे कागज पर हस्ताक्षर कर दिए थे। एक बच्ची ने अपने बयान में कहा कि उनका नाम अखबारों में आने के कारण उसका बाहर तक निकलना मुश्किल हो गया है।
सुनवाई के दौरान दो बच्चों के अभिभावक भी उपस्थित हुए थे। जिन्होंने अपने बयान में कहा है, बिना सूचना दिए दो दिन तक बच्चों को सेंटर में रखा गया। बच्चों से उन्हें मिलने तक नहीं दिया गया। इस संबंध में उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद आदेश जारी किए।