रिश्वत लेने के मामले में मां-बेटी को चार साल की जेल हुई है।
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मां के कहने पर बेटी रिश्वत लेने गई थी। सीबीआई ने बेटी को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा था। अब सीबीआई कोर्ट ने मां-बेटी को चार-चार साल की सजा तथा एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन के अनुसार लक्ष्मी सुब्रमण्यम बीएसएनएल टेलीकॉम फैक्टरी में सहायक तकनीशियन के पद पर पदस्थ थी। उन्होंने शिकायतकर्ता लक्ष्मी से अनुकंपा नियुक्ति दिलवाने के एवज में 1 लाख 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत सीबीआई से की गई थी। रिश्वत की पहली किस्त 30 हजार रुपये लेने लक्ष्मी ने अपनी बेटी रितु सुब्रमण्यम को भेजा था। बेटी ने जैसे ही रिश्वत की रकम लेकर रखी। सीबीआई की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। सीबीआई ने मां-बेटी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया था। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार सक्सेना द्वारा पेश किए साक्ष्य तथा गवाहों के आधार पर मां-बेटी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दोनों को चार-चार साल के कारावास तथा एक-एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा से दंडित किया है।