प्रधान आरक्षक रिश्वत लेते गिरफ्तार
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लोकायुक्त ने सिवनी जिले के केवलरी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। प्रधान आरक्षक ने धोखाधड़ी के अपराध में एफआईआर दर्ज करने रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त ने आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए आवश्यक कार्रवाई की।
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर अंजूलता पटले के अनुसार नगर परिषद केवलारी ने सीसी रोड तथा नाली निर्माण को ठेका नितिन पाटकर को दिया था। सिविल ठेकेदार नितिन पाटकर ने सिवनी की राय कंस्ट्रक्शन कंपनी को उक्त कार्य सौंपा था। राय कंस्ट्रक्शन के संचालक राहुल राय ने घटित स्तर का कार्य करते हुए सिविल ठेकेदार नितिन के साथ धोखाधड़ी की थी। इस संबंध में उसने केवलारी थाने में शिकायत की थी।
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केवलारी थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक मनीष कुमार पटवा प्रकरण में एफआईआर दर्ज करने के एवज में ठेकेदार से रिश्वत के रूप में पांच लाख रुपये मांगे थे। प्रधान आरक्षक ने ठेकेदार से रिश्वत के रूप में 25 हजार रुपये लिए थे। इसकी शिकायत पीड़ित ठेकेदार द्वारा लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में की गई थी। सत्यापन करवाने पर शिकायत सही पाई गई थी।
ठेकेदार रिश्वत की दूसरी किस्त 75 हजार रुपये लेकर प्रधान आरक्षक को देने थाने के बाहर पहुंचा। प्रधान आरक्षक ने जैसे ही पीड़ित ठेकेदार से रिश्वत की रकम लेकर रखी तभी लोकायुक्त की टीम ने दबिश देते हुए उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत की रकम जब्त करते हुए आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ विधिवत कार्रवाई की। लोकायुक्त की टीम में निरीक्षक उमा कुशवाहा, निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेन्द्र यादव, निरीक्षक बृजकिशोर नरवरिया आदि शामिल थे।