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MP News: तीन साल पहले जब्त वाहनों की मैकेनिकल जांच से हुआ चौंकाने वाला खुलासा, निकली साढ़े चार करोड़ की हशीश

Fri, 01 Sep 2023 07:32 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

जबलपुर पुलिस ने तीन साल पहले जब्त वाहनों से नशीले पदार्थ हशीश की बड़ी खेप बरामद की है। दो वाहनों की मैकेनिकल जांच करवाने पर 86.35 किलो हशीश बरामद हुई है। इसका मूल्य लगभग साढे़ चार करोड़ रुपये है।
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हशीश (प्रतीकात्मक चित्र) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जबलपुर पुलिस ने लगभग तीन साल पहले दो चौपहिया वाहनों से 117 किलो हशीश बरामद कर सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस को पूछताछ के दौरान पता चला की जब्त किए गए दोनों चौपहिया वाहनों में छिपाकर रखी गई हशीश की पूरी खेप बरामद नहीं हुई है। दोनों वाहनों की मैकेनिकल जांच करवाने पर 86.35 किलो हशीश बरामद हुई है। इसका मूल्य लगभग साढे़ चार करोड़ रुपये है।
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अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक उमेश जोगा के अनुसार नरसिंहपुर पुलिस ने 6-7 अक्टूबर 2020 की दरम्यानी रात डस्टर क्रमांक टीएन 05 एडब्ल्यू 0965 तथा टाटा जस्ट क्रमांक यूपी 78 एफडी 5857 से 117 किलो हशीश बरामद की थी। पुलिस ने संजय यादव, रवि सिंह यादव, तरुण कुमार सिंह (सभी निवासी कानपुर), सुनील कुशवाहा (निवासी मिर्जापुर), कार्तिक, भरत कुमार और वासुदेवन (सभी निवासी चेन्नई) के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था।

ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस द्वारा अवैध कार्य में लिप्त आरोपियों तथा वारंटियों की धरपकड़ का अभियान जारी है। इसी अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली थी कि पूर्व में जब्त की गई दोनो गाड़ियों में हशीश की खेप छुपी हुई है। न्यायालय से अनुमति लेकर दोनों वाहनों को मैकेनिकल जांच करवाई गई। जांच में कार की बॉडी के नीचे बेल्डिंग कर चेम्बर बनाकर रखी गई 86.35 किलो हशीश बरामद हुई। इसका मूल्य लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये है।
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ऐसे हुआ खुलासा
नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी जेल में निरुद्ध हैं। आरोपी जेल में लेकर स्थानीय अपराधियों के मदद से दोनों वाहनों में रखी हशीश निकालना चाहते थे। जेल से रिहा हुए एक आदतन अपराधी ने पूछताछ के दौरान उक्त जानकारी पुलिस को दी थी। यह बात भी सामने आई है कि एक आरोपी की बहन ने दोनों वाहनों के सुपुर्दनामा के लिए जिला न्यायालय में आवेदन किया था। आवदेन खारिज होने के बाद उसकी तरफ से हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जो लंबित है। 
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