मंडला जिले के मोहगांव थानान्तर्गत कन्या शिक्षा परिसर के छात्रावास में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा से पिता ने फोन पर दो घंटे में लेने आने की बात कहीं थी। पिता नहीं पहुंचे तो छात्रा आत्मघाती कदम उठा लिया।
मोहगांव थाना प्रभारी विजय सिंह ठाकुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोडासिल्ली ग्राम निवासी 13 वर्षीय किशोरी कक्षा-7 की छात्रा थी। कन्या शिक्षा परिसर खर्राछापर में रहती थी। बच्ची की मां का देहांत लगभग सात साल पहले हो गया था। उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। बच्ची अपने दादा-दादी के साथ रहती थी। दूसरी पत्नी तथा दो बच्चों के साथ पिता अलग रहता था।
किशोरी छात्रावास में कम तथा दादा-दादी के पास अधिक रहती थी। पिछले माह किशोरी सिर्फ दस दिन ही हॉस्टल में रुकी थी। बच्ची पहला पेपर देने के बाद घर चली गयी थी। एक दिन पहले ही लौटी थी। लौटने पर छात्रा ने वार्डन से फिर से घर जाने की बात कही। वार्डन ने फोन पर परिजनों से संपर्क किया था तो बच्ची की चाचा से बात हुई थी। शनिवार सुबह किशोरी के पास उसके पिता का फोन आया था। पिता ने बच्ची से कहा था कि वह दो घंटे में उसे लेने आ रहा है। पिता शाम लगभग चार बजे तक नहीं आए तो कि किशोरी ने अपने कमरे की खिडकी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय कमरे में किशोरी अकेली थी। साथ में रहने वाली छात्राएं नीचे खेल रही थी। छात्राएं जब लौटी तो दरवाजा बंद होने की जानकारी वार्डन को दी। वार्डन ने खिड़की से देखा तो किशोरी फंदे में झूल रही थी। पुलिस ने पंचनामा कार्यवाही के बाद लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया था।
विधायक का आरोप- पीएम के लिए रिश्वत मांगी गई
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक डॉ अशोक मसकोले पहुंच गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को पोस्टमॉर्टम के लिए पीड़ित परिवार से दो हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित परिवार ने जब रिश्वत दी जब पोस्टमॉर्टम हो सका। यह बात उन्होने सोशल मीडिया में भी शेयर की है।