मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह यूं तो हमेशा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा को कोसते नजर आते हैं, लेकिन जबलपुर में शुक्रवार को उन्होंने ऐसा बयान दिया कि सभी हैरान रह गए। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत का आभार प्रकट किया। वह भी मीडिया से बातचीत के दौरान। अब उनका यह वीडियो वायरल हो गया है।
दिग्विजय सिंह भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ पैदल चल रहे थे। केंद्रीय राजनीति में बदलते घटनाक्रम को देखते हुए वे गुरुवार को दिल्ली में थे। शुक्रवार को उनका नरसिंहपुर के ज्ञोतेश्वर में ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती जी की श्रद्धांजलि सभा में भाग लेने का प्रोग्राम था। इसके लिए वह शुक्रवार को जबलपुर में थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से भी बातचीत की।
दिग्विजय सिंह ने पत्रकारों से कहा कि "भारत जोड़ो यात्रा को अभी दो हफ्ते भी नहीं हुए और इसका कितना असर संघ प्रमुख मोहन भागवत जी पर हुआ है, यह आप देखिए। वे मदरसा जाने लगे। वे मस्जिद जाने लगे। मस्जिद और मदरसा जाने के लिए निश्चित तौर पर मोहन भागवत को प्रेरणा भारत जोड़ो यात्रा से मिली होगी। हम उनके प्रति आभार व्यक्त करते हैं।"
भागवत की मस्जिद दौड़ चर्चा में
दरअसल, मोहन भागवत ने गुरुवार को अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी से मुलाकात की। भागवत गुरुवार को कस्तूरबा गांधी मार्ग पर स्थित मस्जिद में पहुंचे। उसके बाद संघ प्रमुख ने इमाम उमर इलियासी के पिता जमील इलियासी की मज़ार पर जियारत की। संघ प्रमुख ने आजाद मार्केट में एक मदरसे का दौरा किया और वहां पर बच्चों से भी बातचीत की। इस पर मौलवी उमर अहमद इलियासी ने भागवत को राष्ट्रपिता तक कह दिया।
कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दिल्ली के एक मदरसे में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की यात्रा की तुलना हाथियों के दांतों से की, जो केवल दिखाने के लिए हैं। दिग्विजय सिंह ने कहा, जहां भी आपके कार्यकर्ताओं द्वारा निर्दोष मुसलमानों को सताया गया है, उनसे माफी मांगें और उन्हें न्याय दिलाएं। तभी हम मानेंगे कि आरएसएस अलग सोच रहा है।
सिंह ने सिलसिलेवार ट्वीट करते हुए लिखा, हमें बेहद प्रसन्नता है कि मोहन भागवत जी पर भारत जोड़ो यात्रा का इतना असर हुआ कि वे मस्जिद गए और मदरसा भी गए। यह देश सब का है। इसी भावना से यदि आरएसएस काम करे तो हमें उनसे क्या आपत्ति होगी? यदि अब मोहन भागवत जी आप अखलाक के परिवार से भी मिलें बिलकिस बानों को भी न्याय दिलवाएं। बलात्कारियों का सम्मान करने वालों के खिलाफ बयान दें।
उन्होंने आगे लिखा, जहां-जहां निर्दोष मुसलमानों को आपके कार्यकर्ताओं ने सताया है उनसे माफी मांगें और उन्हें न्याय दिलवाएं तो हमें भरोसा होगा कि आरएसएस की सोच में फर्क आ रहा है। अन्यथा आपका मदरसा मस्जिद जाना केवल दिखावा होगा। यह कहावत है न हाथी के दांत दिखाने के और होते हैं व खाने के और होते हैं। मोहन भागवत ने गुरुवार को अखिल भारतीय इमाम संगठन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी से मुलाकात की।
फिर आरएसएस प्रमुख पहली बार किसी मदरसे में गए और छात्रों से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने उनसे कहा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। मोहन भागवत को बातचीत के दौरान 'राष्ट्रपिता' के रूप में संबोधित किया गया था, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई और कहा कि हर कोई राष्ट्र की संतान है जबकि राष्ट्र का केवल एक ही पिता है।