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Jabalpur News: हाईकोर्ट में इंदौर के प्रत्येक एंट्री प्वाइंट के सीसीटीवी फुटेज पेश

Wed, 12 Nov 2025 07:55 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

 सुनवाई में राज्य शासन की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश कर बताया गया था कि लापरवाही बरतने वाले नौ पुलिस अफसर व कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इंदौर के एंट्री वाले मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए है।
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हाईकोर्ट में इंदौर के प्रत्येक एंट्री प्वाइंट के सीसीटीवी फुटेज पेश
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विस्तार
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 हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के पूर्व निर्देश के पालन में इंदौर शहर के प्रत्येक एंट्री प्वाइंट के सीसीटीवी फुटेज पेश कर दिए गए। कोर्ट ने यह जानकारी रिकार्ड पर लेकर मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को नियत कर दी। पूर्व में कोर्ट के निर्देश पर इंदौर के पुलिस कमिश्नर वर्चुअली हाजिर हुए थे।


यह मामला इंदौर में नो एंट्री में ट्रक के कोहराम मचाने के मामले में संज्ञान आधारित जनहित याचिका पर सुनवाई से संबंधित है। मामले की विगत सुनवाई इंदौर बेंच के समक्ष हुई थी, जिसमें बाद प्रकरण पुन: मुख्यपीठ जबलपुर में सुनवाई के लिए लगा। विगत सुनवाई में राज्य शासन की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश कर बताया गया था कि लापरवाही बरतने वाले नौ पुलिस अफसर व कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।  कोर्ट ने जानकारी को रिकॉर्ड पर लेकर कहा चूंकि अभी जांच जारी है, इसलिए इस स्टेटस रिपोर्ट को सीलबंद कवर में रखा जाए। हाई कोर्ट ने इंदौर शहर के प्रत्येक एंट्री प्वाइंट के सीसीटीवी फुटेज पेश करने के निर्देश दिए थे। मामले पर सुनवाई के दौरान इंदौर के पुलिस कमिश्नर वर्चुअली और ट्रैफिक डीसीपी व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए थे।
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उल्लेखनीय है कि 15 सितंबर की शाम एरोड्रम इलाके की सड़कों पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने करीब एक किलोमीटर तक कई लोगों और वाहनों को कुचला, टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। हाई कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर से पूछा था कि यह गंभीर चूक कैसे हुई। कोर्ट ने यह बताने भी कहा था कि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए क्या योजना है।
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राज्य शासन की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली खड़े हुए। हाई कोर्ट ने उक्त घटना को कानून-व्यवस्था और प्रशासन की बड़ी विफलता माना था। अदालत ने कहा था कि यदि नियमों का कड़ाई से पालन हुआ होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। कोर्ट ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जब सड़क सुरक्षा के सख्त नियम मौजूद हैं, तो इस तरह के हादसे होना अत्यंत चिंताजनक है। इस घटना के बाद भी शहर के कई मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी है।
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