मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
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कोविड महामारी के दौरान केन्द्र सरकार द्वारा राज्य सरकार के माध्यम से प्रदान की गई करोड़ों की राशि का बुरहानपुर में दुरुपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमथ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने याचिका का निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता को लोकायुक्त के समक्ष शिकायत करने की स्वतंत्रता दी है।
बता दें बालचंद्र शिंदे की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि कोविड-19 महामारी के दौरान केन्द्र सरकार ने प्रत्येक राज्य को एक-एक लाख करोड़ से अधिक की सहायता राशि उपलब्ध कराई थी। जिसमें से प्रदेश को 1 लाख 54 करोड़ की राशि प्राप्त हुई थी, जिसमें से 12 करोड़ की राशि बुरहानपुर जिले को मिली थी। याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया था कि उक्त सहायता राशि का स्थानीय प्रशासन ने दुरुपयोग किया और कई निजी लोगों के खातों में उक्त राशि स्थानातंरित हुई है। याचिका में मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य विभाग, कलेक्टर बुरहानपुर व सीएमएचओ बुरहानपुर को पार्टी बनाया गया था। याचिका की सुनवाई के बाद युगलपीठ ने निराकरण करते हुए उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अहदुल्ला उस्मानी ने पक्ष रखा।