जबलपुर क्रूज हादसे के बाद सरकार सख्त हो गई है। सभी क्रूज की फिटनेस जांच के निर्देश दिए गए हैं, वहीं लाइफ जैकेट होने के बावजूद मौत के कारणों की जांच जारी है। चलिए बता रहे हैं मंत्री धर्मेद्र लोधी ने इस मामले पर क्या-क्या बताया है?
मध्य प्रदेश में जबलपुर स्थित बरगी डैम हादसे के बाद सरकार सख्स हो गई है। अब सभी संचालित क्रूज की फिटनेस जांच की जाएगी। राज्य सरकार के मंत्री धर्मेद्र लोधी ने बताया कि कुछ बच्चे भी क्रूज पर बिना टिकट के रहे होंगे, तो यात्रियों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
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सीसीटीवी फुटेज में 43 लोग देखे गए हैं। दो लोग बोट के जरिए निकल आए। छह लोग लौटते हुए देखे गए। चालकों के अलावा कुल मिलाकर 36-37 लोग उसमें रहे होंगे। जांच के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही पाए जाने पर कठोर से कठोर कार्रवाई होगी। इतनी बड़ी घटना हुई, यह अक्षम्य है।
'सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई तो क्रूज तुरंत बंद किए जाएंगे'
मंत्री ने कहा कि जितने भी क्रूज चल रहे हैं, उनकी फिटनेस की जांच होगी। अगर सुरक्षा मानकों में कमी पाई गई तो क्रूज तुरंत बंद किए जाएंगे। क्रूज में लाइफ जैकेट का प्रावधान रहता है। जो शव मिले, उनमें लोगों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। लाइफ जैकेट के कारण लोगों की मृत्यु नहीं हुई। संभवत: नीचे के चैम्बर में पानी भर जाने के कारण लाइफ जैकेट पहने होने के बावजूद लोगों की मृत्यु हुई है। जांच के बाद ही वास्तविकता पता चल पाएगी।
भोपाल के हादसे से नहीं लिया सबक
गौरतलब है कि साल 2022 में भोपाल के बड़े तालाब में भी तेज हवाओं के कारण क्रूज डूब गया था। इस हादसे के बाद पर्यटन विकास निगम के द्वारा सुरक्षा के बडे-बडे दावे किए गए थे। हादसे के कुछ दिन बाद निगम सुरक्षा दावों को भूल गया। सुरक्षा की अनदेखी के कारण यह हादसा घटित हुआ।
मौसम विभाग ने दी थी चेतावनी
मौसम विभाग ने तेज हवाओं के साथ गरज-चमक के साथ बारिस की चेतावनी व्यक्त की थी। इसके बावजूद भी क्रूज राइडिंग की अनुमति प्रदान की गयी। नियम अनुसार आगामी 6 घंटे के मौसम की जानकारी प्राप्त करने के बाद क्रूज राइडिंग की अनुमति प्रदान की जानी चाहिए।
अबतक नौ की मौत, 28 लोगों को सुरक्षित बचाया गया
ताजा अपडेट के मुताबिक इस हादसे में नौ लोगों के शव मिल चुके हैं। जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया है। वहीं, छह लोग अब भी लापता हैं। आज सुबह मिली जानकारी के अनुसार, क्रूज में कुल 43 लोग सवार थे।