फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जबलपुर: नगर निगम की दादागीरी पर हाईकोर्ट सख्त, मुआवजा बिना जमीन का अधिग्रहण करने पर लगाई रोक

Wed, 13 Apr 2022 10:08 AM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर

सार

याचिका में कहा गया कि नगर निगम द्वारा जारी नक्शे के अनुसार ही उन्होंने अस्पताल का निर्माण किया है। भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत उन्हें मुआवजा दिया जाए। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि याचिकाकर्ता की जमीन लीज की है। कोर्ट ने अगली सुनवाई तक कार्रवाई नहीं करने के निर्देश दिए हैं। 
विज्ञापन
court demo - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जबलपुर नगर निगम द्वारा बिना मुआवजा दिए जमीन का अधिग्रहण किए जाने के खिलाफ डॉ. एससी बटालिया हाईकोर्ट पहुंचे थे। दायर याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस शील नागू तथा जस्टिस एमएस भट्टी की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। युगलपीठ ने अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं।
विज्ञापन


84 वर्षीय याचिकाकर्ता एससी बटालिया ने दायर याचिका में कहा था कि घंटाघर से तैय्यब अली पंट्रोल पंप रोड पर उनका 50 साल पुराना हॉस्पिटल है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सड़क चौड़ीकरण करने नगर निगम द्वारा उनके हिस्से की सात फीट जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। याचिका में कहा गया था कि वे विकास में सहयोग के लिए तैयार हैं, परंतु नगर निगम द्वारा अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।

याचिका में कहा गया था कि नगर निगम द्वारा जारी नक्शे के अनुसार ही उन्होंने अस्पताल का निर्माण किया है। याचिका में मांग की गई कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत उन्हें मुआवजा दिया जाए। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से बताया गया कि याचिकाकर्ता की जमीन लीज की है। याचिकाकर्ता की तरफ से बताया गया कि जबलपुर की आधे से अधिक जमीन लीज पर है, जिसे फ्री होल्ड करना चाहिए। सरकार की तरफ से जवाब पेश करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह करते हुए युगलपीठ को बताया गया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद उक्त आदेश जारी किए। याचिका पर अगली सुनवाई 20 अप्रैल को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पैरवी की। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें