अपनी बेबाक छवि के लिए मशहूर विधायक आरिफ मसूद ने अमर उजाला के साथ खास बातचीत की है। कई मुद्दों पर अपना पक्ष रखा है। रामनवमी और हनुमान जयंती को लेकर जारी पत्र हो या भोपाल में चल रहे बुलडोजर पर। जानते हैं और क्या कहा उन्होंने
सवाल- आपने नरेला में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर कमिश्नर से मुलाकात कर आपत्ति जताई है?
आरिफ- जिस शाहीद कबाड़ी का घर तोड़ा गया, उस पर एक मामला ही दर्ज था। वह भी 24 अप्रैल को दो परिवारों के बीच की लड़ाई थी। उस पर छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई। जिसके वीडियो फुटेज के सबूत भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए।
सवाल- आप कह रहे हैं कि इसके पीछे कोई षड्यंत्र है?
आरिफ- मध्य प्रदेश में एक परंपरा चल गई है। सीएम ने कहा कि जो बेटियों को छेड़ेगा, जो गुंडा होगा उसको नेस्तेनाबूद कर दूंगा। स्थानीय विधायक और मंत्री ने दुर्भावना पूर्वक पहले नाम प्रचारित किया कि वह गुंडा है। फिर मुख्यमंत्री की घोषणा का सहारा लेकर अपनी कटुता और नफरत वाली राजनीति को बढ़ावा देने के लिए एक गरीब का मकान ध्वस्त किया।
सवाल- मंत्री का आरोप है कि कांग्रेस गुंडों को संरक्षण दे रही है?
आरिफ- कोई कुछ भी कह सकता है। जिसके खिलाफ कार्रवाई की गई उसके गुंडे होने की जानकारी कमिश्नर को दे दें। उस पर एक झूठे मामले के अलावा कोई केस दर्ज नहीं है।
सवाल- इस मामले में भोपाल कमिश्नर ने क्या कहा है?
आरिफ- उन्होंने हमें कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मैंने कमिश्नर साहब से कहा कि इस तरह गरीबों के साथ अन्याय होगा तो उच्च न्यायालय में पीआईएल दायर करेंगे।
सवाल- आपने रामनवमी को लेकर जारी परिपत्र पर शीर्ष नेतृत्व पर आपत्ति जता दी।
आरिफ- मैं पार्टी के खिलाफ नहीं हूं। मैंने कांग्रेसी होने के नाते बताया कि राजनीतिक पार्टी को कभी भी किसी एक धर्म के लिए परिपत्र जारी नहीं करना चाहिए। देश की आजादी में सभी लोग मिलकर लड़े। कांग्रेस सभी को साथ लेकर चलने की बात करती है। जबकि सामने वाली पार्टी सत्ता हथियाने के लिए एक व्यक्ति की बात करती है। हम पार्टी के सिद्धांत से समझौता नहीं करेंगे। फिर भले ही सत्ता हमारी जाना है तो जाए।
सवाल- आपकी विधानसभा में बहुसख्यंक ज्यादा हैं। आपकी आपत्ति से नाराज नहीं होंगे?
आरिफ- मैंने तीन साल बेटे के रूप में अपनी सच्चाई स्थापित की है। कोई मेरे ऊपर इस तरह के सवाल खड़े करता है तो उसे आत्मचिंतन करना चाहिए कि लॉक डाउन के समय हमने किचन सेंटर चलाए तो भेदभाव नहीं किया। लॉकडाउन में राखी पड़ी तो दुकानें बंद कर दी गईं। बहनों को भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए राखी उपलब्ध नहीं थी। तब यह आरिफ मसूद एक बेटा और भाई के रूप में घर-घर गया। लॉकडाउन के दौरान अपनी बहनों को राखी, रूमाल और नारियल की व्यव्स्था कराई। मैं इसको कभी गलत नहीं मानता। मैं अपने ऊपर भी यह चीज लागू करता हूं कि मुझे सभी धर्मों का सम्मान करना है।
सवाल- कांग्रेस ने पार्टी में संवादहीनता के लिए 20 सदस्यीय कमेटी बनाई है। आप क्या कहेंगे?
आरिफ- कमलनाथ जी एक टीम बनाकर काम कर रहे हैं। कोई भी लक्ष्य टीम को साथ लेकर ही जीता जा सकता है।