पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस आने वाला है। इस बार पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों को प्रकृति संरक्षण के लिए जागरूक किया है। पांच जून के दिन शहर में कई बड़े आयोजन होंगे। इससे पहले भी कई संस्थाएं शहर में आयोजन करेंगी।
जिम्मी एंड जनक मगिलिगन फाउंडेशन फ़ॉर सस्टेनेबल डेवेलपमेंट द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 2024 के मौके पर पर्यावरण परिसंवाद सप्ताह (मई 30 से 5 जून तक मनाया जाएगा। सनावादिया में होने वाले इस आयोजन में शहर और शहर के बाहर की कई प्रमुख हस्तियां शिरकत करेंगी।
संस्था की फाउंडर जनक पलटा ने बताया कि यह 32 वां वार्षिक पर्यावरण परिसंवाद सप्ताह आयोजित हो रहा है। यू .एन .ई. पी. ने इस वर्ष का विषय "हमारी भूमि, हमारा भविष्य", हमारी पीढ़ी को इसकी पुनर्स्थापन करना है" रखा है। पृथ्वी दिवस 2024 पर घोषित थीम है हमारा ग्रह बनाम प्लास्टिक। क्योंकि स्वास्थ्य पर प्लास्टिक के जोखिम पर व्यापक जागरूकता लाना जरूरी है। सिंगल यूज प्लास्टिक को तेजी से समाप्त करना होगा।
कब क्या होगा
1. मई 30, 2024 गुरुवार सुबह 9.30–11.30
प्रो रेणु जैन माननीय कुलपति डी ए वी वी इंदौर के मुख्य आतिथ्य में "पर्यावरण परिसंवाद सप्ताह" का शुभारंभ होगा। पर्यावरण प्रेमी, पर्यावरण सेवक, पर्यावरणविद् और समाजिक कार्यकर्ता पृथ्वी को बचाकर बेहतर भविष्य बनाने पर चर्चा करेंगे। स्वाहा स्टार्टअप्स के डायरेक्टर्स रोहित अग्रवाल और ज्वलंत शाह अमरनाथ यात्रा के अनुभव साझा करेंगे और बताएंगे कि वहां पर आने वाले लाखों लोग किस तरह से कचरा करते हैं और किस तरह से वहां की जगह को कचरा मुक्त किया गया। जल विशेषज्ञ सुधिंदर मोहन शर्मा जल संरक्ष्ण से पृथ्वी को कैसे और क्यों बचाना जरूरी है इस पर चर्चा करेंगे।
2. मई 31, 2024 शुक्रवार 11 -12.30 कस्तूरबा ग्राम कॉलेज इंदौर
मुख्य वक्ता: डॉ. जनक पलटा मगिलिगन के साथ कस्तूरबा ग्राम कॉलेज की छात्राओं और संकाय के साथ "हम महिलाएं अपने कस्तूरबा ग्राम परिसर और गांवों में धरती मां के स्वास्थ्य को निरोगी बनाएंगी "विषय पर संवाद होगा"।
3. जून 1, 2024 शनिवार जिम्मी मगिलिगन सेंटर पर
म. प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ दिलीप वागेला, आईआईटी इंदौर के स्टाफ व परिजन शामिल होंगे। "प्रदूषण से धरती को सबसे ज्यादा खतरा है" जनक पलटा मगिलिगन इस विषय पर बात करेंगी। मिट्टी, पानी और जैवविविधता के संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक और डिस्पोजेबल निषेध करने पर बात होगी। आईआईटी इंदौर परिसर के छात्रों को पृथ्वी को पुनर्स्थापित करने के लिए जागरूक किया जाएगा।
4 जून 2, 2024 रविवार 9.30–11.30 जिम्मी मगिलिगन सेंटर
जैविक सेतु के फाउंडर और संचालक अम्बरीश केला, डॉ जयश्री सिक्का, डॉ शेफाली संगल, वरुण रहेजा किसानों के साथ चर्चा करेंगे। इसमें जैविक खेती वाले किसानों की संख्या, रसायन मुक्त भोजन और वनस्पतियों को बढ़ाएंगे और मिट्टी, पानी स्वदेशी बीज बचाकर पृथ्वी पर सभी का भविष्य बचाएंगे जैसे विषयों पर बात होगी।
5 जून 3, 2024 सोमवार 9.30–11.30 जिम्मी मगिलिगन सेंटर
वरुण रहेजा और जनक पलटा मगिलिगन सोलर कुकर और ड्रायर का उपयोग करने वाले लोगों को इसकी ट्रेनिंग देंगी। लोगों को इससे होने वाली आजीविका का प्रशिक्षण देकर ग्रामीण भारत की धरती को स्वस्थ और सम्पन्न बनाने के रोडमैप पर चर्चा होगी।
6 जून 4, 2024 मंगलवार 10 बजे श्री वैष्णव प्रबंधन संस्थान ऑडिटोरियम
मुख्य वक्ता डॉ. जनक पलटा मगिलिगन संस्थान के छात्राओं और संकाय के साथ "सस्टेनेबल जीवनशैली जीने से सभी प्रकार के एकल उपयोग वाले प्लास्टिक त्याग कर हरियाली और जैव विविधता बढ़ाने से धरती को स्वस्थ रखा जा सकता है"।
7 जून 5, 2024 बुधवार 9.30 -11.30 जिम्मी मगिलिगन सेंटर फार सस्टेनेबल डेवलपमेंट
प्रो उपिंदर धर, कुलपति वैष्णव विश्वविद्यालय, डॉ संतोष धर व फिक्की फ्लो इंदौर के सदस्य आएंगे। जनक पलटा मगिलिगन "विश्व पर्यावरण दिवस" के अवसर पर स्वागत उद्बबोधन के साथ परिसंवाद सप्ताह में हुई चर्चा पर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी और सभी से अपने और पृथ्वी के स्वास्थ्य के लिए पानी बचाने, जैविक भोजन करने, हरियाली बढ़ाने की अपील करेंगी। कचरा मुक्त होने और सिंगलयूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने पर भी विचार रखेंगी। फिक्की फ्लो की अध्यक्षा विभा जैन अपने विचार रखेंगी। फाउंडेशन के ट्रस्टी वीरेंदर गोयल समापन पर आभार प्रकट करेंगे।