मध्यप्रदेश में मौसम के मिजाज में बदलाव से ठंड का असर कम हुआ है। हालांकि, राज्य के कई जिलों में रात का तापमान सामान्य से कम हो गया है, जिस कारण से राज्य में कड़ाके की ठंड का दौर एक बार फिर शुरू हो गया है।
मध्यप्रदेश में अब तक जोरदार ठंड का जोर शुरू नहीं हो पाया है, लेकिन बादल छटते ही रात का पारा नीचे आने लगा है। शुक्रवार रात कई इलाकों में न्यूनतम तापमान तीन से चार डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। नौगांव सबसे ठंडा रहा, यहां रात का पारा छह डिग्री तक आ गया। उमरिया, ग्वालियर, रीवा, खजुराहो, जबलपुर, सतना, दतिया और पचमढ़ी की रात सबसे सर्द रहीं। यहां पर न्यूनतम तापमान 10 से नीचे चला गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चौबीस घंटों के दौरान तापमान में और गिरावट हो सकती है। धूप निकलने से दिन में तापमान में बढ़ोतरी होगी, लेकिन उतनी ही तेजी से न्यूनतम तापमान नीचे आएंगे।
मध्यप्रदेश में आज से तीन दिन तक न्यूनतम तापमान में मामूली गिरावट होगी। भोपाल में यह 11 से 12 डिग्री और इंदौर में 16 डिग्री सेल्सियस तक आ सकते हैं। ग्वालियर, जबलपुर, सागर और उसके आसपास के इलाकों में तापमान 10 या उससे नीचे रह सकते हैं। इंदौर उज्जैन और उसके आसपास के न्यूनतम तापमान तापमान 15 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा रह सकते हैं।
दिसंबर के अंत तक अच्छी ठंड की उम्मीद…
यहां सामान्य रहेंगे पारा…
इंदौर के बगल उज्जैन, भोपाल, नर्मदपुरम और जबलपुर में दिन का पारा सामान्य रहेगा। यहां पर ठंड के दिनों में औसतन सामान्य के आसपास रहेंगे। ऐसे में ठंड तो रहेगी, लेकिन इस बार शीतलहर बहुत कम चलने के कारण ठंड ज्यादा परेशान नहीं कर पाएगी। अगर मध्प्रदेश के बुंदेलखंड की बात की जाए तो इस बार सागर समेत इन इलाकों में न्यूनतम तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होने वाली है। रात का पारा सामान्य से कुछ ज्यादा रह सकते हैं। इसका यह मतलब नहीं कि यहां ठंड नहीं होगा। ठंड तो रहेगी, लेकिन तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होगी। यहां तापमान सामान्य से थोड़े ज्यादा रहेंगे।
अधिकतम तापमान प्रदेश भर में कम रहेंगे…
रात की अपेक्षा इस बार दिन परेशान करने वाले होने वाले हैं। वैज्ञानिक सिंह ने बताया कि इस बार प्रदेश भर में रात की अपेक्षा दिन का तापमान ज्यादा गिरेगा। जबलपुर और शहडोल में अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़े बढ़े रहेंगे, लेकिन अन्य इलाकों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, बुंदेलखंड, बघेलखंड समेत पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री से ज्यादा गिर सकते हैं। इस कारण कोल्ड डे की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में रात की तुलना में लोगों को दिन में ठंड का अधिक एहसास होगा।
साल 2020-21 में ज्यादा ठंड रही थी...
वैज्ञानिक सिंह ने बताया कि इस बार मध्यप्रदेश में मौसम सामान्य रहेगा। मध्यप्रदेश में दो साल 2020 और 21 में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी थी। हालांकि इन दोनों सालों को छोड़ दिया जाए तो मध्यप्रदेश में बहुत ज्यादा कड़ाके की ठंड नहीं रही। इस बार भी अन्य सालों की तरह ही ठंड के तेवर रहने की संभावना है।