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Indore News: वंदना ने जीता बॉडी बिल्डिंग में ब्रॉन्ज, 30 देशों की चैंपियनशिप में रोशन हुआ देश का नाम

Sun, 10 Nov 2024 07:59 PM IST
अर्जुन रिछारिया अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

सार

Indore News: मालदीव्स में आयोजित चैंपियनशिप में 250 से अधिक बॉडीबिल्डर्स ने कड़ी प्रतिस्पर्धा की। इंदौर की वंदना ने एक बार फिर खुद को साबित किया। 
 
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अपनी जीत के बाद वंदना ठाकुर - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
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विस्तार
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मध्य प्रदेश की बॉडी बिल्डर वंदना ठाकुर ने एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने मालदीव्स में आयोजित चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मैडल जीतकर देशवासियों को गौरवान्वित किया है। भारतीय बॉडी बिल्डर्स फेडरेशन (आईबीबीएफ) द्वारा मालदीव्स के कैनारेफ रिज़ॉर्ट में 15वें वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग और फिजीक स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में उन्हें यह उपलब्धि मिली। यह मैडल वंदना ने महिला बॉडी बिल्डिंग के अंतर्गत 55 किलोग्राम से अधिक की श्रेणी में जीता है। प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में दुनिया भर से टॉप बॉडीबिल्डर्स ने हिस्सा लिया, जिसमें प्रदेश की मशहूर बॉडी बिल्डर ने इकलौती बिल्डर के रूप में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 5 नवंबर से लेकर 15 नवंबर तक यह चैंपियनशिप आयोजित की गई। 
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महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी वंदना
वंदना ठाकुर की यह सफलता भारतीय बॉडीबिल्डिंग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने अपने अद्वितीय प्रदर्शन से न सिर्फ अपने देश का नाम रोशन किया, बल्कि महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं। इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन बॉडीबिल्डिंग एसोसिएशन ऑफ मालदीव्स (बीबीएएम) द्वारा किया गया, जो वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग और फिजीक स्पोर्ट्स फेडरेशन (डब्ल्यूबीपीएफ) द्वारा समर्थित है। इस प्रतियोगिता में भारत की उत्कृष्ट बॉडीबिल्डर वंदना ने अपनी ताकत, बेहतरीन फिटनेस, अनुशासन और कठिन मेहनत का प्रदर्शन किया और बड़ी ही कुशलता से 55 किलोग्राम से अधिक का वेट उठाया। यह भारतीय बॉडीबिल्डिंग के लिए गर्व का क्षण है, जिससे इसके अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है।

मैं देश के लिए कुछ कर पाई यह मेरे लिए गर्व का विषय
वंदना ठाकुर ने अपनी जीत के बाद कहा, मैं अपने देश के लिए कुछ कर पाई, यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। देश को गर्व महसूस कराना ही मेरा लक्ष्य है। यह जीत मेरे कोच, मेरे परिवार और मेरे सभी समर्थकों की मेहनत और विश्वास का परिणाम है। इसलिए मैं उन सभी को दिल से धन्यवाद् देती हूं, जिन्होंने इस यात्रा में मेरा साथ दिया। यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि यह विजय घोष हमारे देश का है। जब मैं मंच पर खड़ी थी और कांस्य पदक ले रही थी, उस समय मैंने अपनी यात्रा के हर उस पल को महसूस किया, जिसे मैंने न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक रूप से भी बहुत कठिनाइयों से जूझते हुए पार किया। आज मैं खुशी से कह सकती हूं कि मुझे मेरी मेहनत का फल मिल गया है और मेरा समर्पण एवं परिश्रम रंग लाया है। अब मुझे देश के लिए गोल्ड लाने के लिए कड़ी मेहनत करना है, यही मेरा एकमात्र लक्ष्य है।
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देश में बॉडीबिल्डिंग को एक नया उत्साह और दिशा मिली
गौरतलब है कि इस साल की वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग और फिजीक स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में दुनिया भर से कुल 30 देशों के लगभग 250 से अधिक बॉडीबिल्डर्स ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता का आयोजन खूबसूरत मालदीव्स के कैनारेफ रिज़ॉर्ट में किया गया था। भारतीय बॉडीबिल्डर्स ने हमेशा ही अपनी शारीरिक क्षमता को साबित किया है और वंदना की जीत ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय महिला बॉडीबिल्डर्स भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। वंदना ठाकुर की सफलता ने भारतीय बॉडीबिल्डिंग को एक नया उत्साह और दिशा दी है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत के साथ प्रयास किया जाए, तो कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। वंदना की इस जीत से न सिर्फ महिला बॉडीबिल्डिंग को प्रेरणा मिलेगी, बल्कि पूरे देश में फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
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