भोपाल की यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा आज इंदौर के पीथमपुर पहुंच गया है। कचरे के ये कंटेनर सुबह 5 बजे पीथमपुर के आशापुरा गांव स्थित फैक्ट्री में पहुंच गए। यूनियन कार्बाइड के इस रासायनिक कचरे को पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में जलाया जाएगा। पीथमपुर में कचरा जलाने के विरोध में आंदोलन भी तेज हो गया है। रहवासियों के साथ ही, जनप्रतिनिधि, संस्थाएं भी इसका विरोध कर रही हैं।
आज भी जहरीले कैमिकल मौजूद हैं, कचरा इंदौर लाने में शेयर बाजार और सरकारों की भी भूमिका
2009 में सेंट्रल फार साइंस एंड एनवायरमेंट ने एक स्टडी की थी। यह स्टडी यूनियन कार्बाइड के बंद परिसर में हुई और इसका एनालिसिस हुआ। उन्होंने बताया कि वहां की जमीन में सभी खतरनाक कैमिकल आज भी उपस्थित हैं। मेरा मानना है कि कचरे में पहले से कौन से कैमिकल हैं और जलने के बाद कौन से कैमिकल निकलेंगे और गैसें निकलेंगी इसकी पूरी स्टडी होना चाहिए, इसके बाद ही उसे जलाना चाहिए। पहले यह कचरा गुजरात के अंकलेश्वर में जलने वाला था, गुजरात में कचरा जलने से पहले ही प्लांट जल गया। प्लांट फिर से बन सकता था, वहीं पर कचरा जलना था। इसे मप्र जाने की क्या जल्दी थी। कचरा जलाने वाली रामकी कंपनी और यूनियन कार्बाइड में अमेरिका का बहुत पैसा लगा है। इंदौर में कचरा जलाने में इन पहलुओं की भी जांच जरूरी है।
- ओपी जोशी, पर्यावरणविद्
इंदौर के अलावा कहीं भी ले जाएं
इंदौर में घनी आबादी है, भोपाल गैस कांड की यादें अब भी जहन में हैं। पहले यह गुजरात में जलने वाला था फिर इंदौर भेज दिया गया। इस पर फिर से विचार किया जाना चाहिए। प्रकृति और मानवता की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता होना चाहिए।
- शिवाजी मोहिते, अभ्यास मंडल
सुरक्षित तरीके से जलाया जा रहा कचरा, जनता और पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा
40 साल बाद उस कचरे में कुछ बचा नहीं है। कचरा जलाने वाली कंपनी पांच फिल्टर लगा रही है। 1200 डिग्री पर वह कचरा जलाया जाएगा। सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट उस मामले में पूरा ध्यान दे रही है। जहरीली गैस तो पहले ही पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। भोपाल का कचरा पीथमपुर में इसलिए लाए हैं क्योंकि रामकी कंपनी का प्लांट यहां पर है। इससे किसी को भी नुकसान नहीं होगा। यह भी सोचने वाली बात है कि भोपाल में जहां पर हादसा हुआ था वहां पर 70 एकड़ जमीन यूनियन कार्बाइड की है जिस पर 30 एकड़ जमीन पर कब्जा हो चुका है। 40 साल से वहां पर सैकड़ों लोग रह रहे हैं। वह सभी सुरक्षित हैं। पीथमपुर में कचरा जलाने की भी पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया है। कचरा जलने से निकलने वाली गैसों की जांच होगी। पूरी स्टडी के बाद धीरे धीरे 9 महीने में कचरा जलाएंगे।
- डॉक्टर योगेंद्र व्यास, फाउंडर, सुपर चार्जर्स ग्रुप
विधायक और मंत्री करेंगे सीएम से बात
पूर्व मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और विधायक नीना वर्मा शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात करेंगे। वे कचरा जलाने के मामले में रिव्यू पिटिशन दायर करने की मांग करेंगे।
जनप्रतिनिधियों से आज चर्चा होगी
एआईसीटीएसएल में गुरुवार को दोपहर 3 बजे भोपाल की टीम ने इस मुद्दे पर जनता और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आश्वासन दिया कि जनहित के विपरीत कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।
महापौर बोले पुनर्विचार हो
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि कोर्ट के आदेश के तहत कचरा पीथमपुर भेजा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कचरे को जलाने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।