त्विषा शर्मा का फाइल फोटो।
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त्विषा शर्मा का मामला बना हाईप्रोफाइल।
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त्विषा और समर्थ शादी के दौरान की एक तस्वीर में। फाइल फोटो-
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3. सिर्फ बेटे नहीं, मां के खिलाफ भी आरोप
बीते 14-15 मई को आगे के बयान दर्ज किए गए और सभी बयानों में प्रतिवादी व उसके बेटे के खिलाफ स्पष्ट आरोप लगाए गए हैं। व्हाट्सएप चैट से भी यह नहीं कहा जा सकता कि आरोप केवल समर्थ सिंह के खिलाफ हैं, लेकिन ट्रायल कोर्ट ने इन सभी तथ्यों पर विचार नहीं किया।
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एमपी हाईकोर्ट से गिरिबाला सिंह को लगा झटका।
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4. जांच में सहयोग नहीं कर रही थीं आरोपी
आगे यह भी कहा गया है कि अग्रिम जमानत मिलने के बाद भी प्रतिवादी जांच एजेंसी के साथ सहयोग नहीं कर रही है। उसका बयान दर्ज कराने और जांच में सहयोग करने के लिए उसे कई नोटिस जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद उसने सहयोग नहीं किया।
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5. लेनदेन से यह नहीं कहा जा सकता कि दहेज की मांग नहीं हुई होगी
कोर्ट ने कहा कि जहां तक पैसों के लेन-देन का संबंध है, विवाह 09.12.2025 को संपन्न हुआ था। धनराशि का लेन-देन 09.10.2025, 16.12.2025, 14.01.2026, 25.01.2026, 12.02.2026, 26.02.2026 और 01.03.2026 को किया गया था। यह कहा गया है कि ये लेन-देन विवाह के दौरान और मृतका के विदेश जाने के समय किए गए थे।
हालांकि, यह नहीं कहा जा सकता कि मृतका की मृत्यु के निकट उसके खाते में धनराशि ट्रांसफर की गई थी। केवल इस आधार पर यह नहीं माना जा सकता कि प्रतिवादी ने पीड़िता के खाते में अधिक धनराशि स्थानांतरित की थी, इसलिए दहेज की मांग नहीं की गई थी।
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