सार
इंदौर में 31.5 किलोमीटर का मेट्रो प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। अभी पिलरों को सेगमेंट से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद पटरियां बिछाने का काम शुरू होगा। मेट्रो ट्रेक भले ही 31.5 किलोमीटर का है,लेकिन उस पर दोनो छोर से एक साथ दो ट्रेनें चलेगीं।
अगले साल मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार इंदौर में मेेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन हर हाल में चाहती है। काम समय पर हो,इसके लिए उन्होंने शहर के पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह को मेट्रो ट्रेन कार्पोरेशन का एमडी बनाया है। जब ट्रेक बनकर तैयार हो जाएगा तो ट्रेक के दोनो छोर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।
इंदौर में मेट्रो ट्रेन का काम पूरा होने के बाद लोक परिवहन व्यवस्था बदल जाएगा। अभी शहरवासी आई बस और सिटी बस में सफर करते है, लेकिन सालभर बाद मेट्रो का विकल्प भी रहेगा। इंदौर में बन रहे मेट्रो ट्रेक पर दोनों छोर से मेट्रो ट्रेन चलाने की योजना है। जब पूरा काम हो जाएगा तो इंदौर में 28 मेट्रो ट्रेन चलेगी। मेट्रो स्टेशनों की दूरी के हिसाब यात्रियों को एक से तीन मिनट के भीतर ट्रेन मिल सकेगी।
मेट्रो प्रोजेक्ट का काम देख रहे आईडीए के चीफ इंजीनियर अनिल जोशी के अनुसार इंदौर में 31.5 किलोमीटर का मेट्रो प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। अभी पिलरों को सेगमेंट से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद पटरियां बिछाने का काम शुरू होगा। मेट्रो ट्रेक भले ही 31.5 किलोमीटर का है,लेकिन उस पर दोनो छोर से एक साथ दो ट्रेनें चलेगीं। दोनों ट्रेन ट्रेक पर ही एक दूसरे को क्राॅस भी कर सकेगी।
पीथमपुर के लिए भी सर्वे
इंदौर के भविष्य के विस्तार और जनसंख्या को देखते हुए मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम होगा। उपनगरों को जोड़ने के लिए भी सर्वे शुरू हो गया है। मेट्रो रुट से महू और पीथमपुर से इंदौर से कनेक्ट होंगे। अधिकारियों ने बताया कि 31.5 किलोमीटर का ट्रेक पूरा होने के बाद कुल 28 ट्रेनें चलेगीं। स्टेशनों की दूरी के अनुसार एक से तीन मिनट में ट्रेन स्टेशन पर पहुंच जाएगी। गांधी नगर में बन रहे डिपो को भी इस तरह से बनाया जा रहा है। यहां पर रात को दोनो छाेर से ट्रेन प्रवेश कर सकेगी। अभी पांच जगह लांचर लगाकर पिलरों को जोड़ने का काम चल रहा है। मध्य हिस्से में मेट्रो भूमिगत होगी या एलिवेटेेड। इस पर फैसला होना अभी बाकी है।