एनआईए के इनपुट पर पकड़े गए संदिग्ध सरफराज से पुलिस अब पूछताछ कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि भारत में उसका आना-जाना किन शहरों में था। वह किन लोगों से मिलता था। वह दस साल तक हांगकांग में रहा। वहीं से दूसरे देशों की यात्राएं की।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) के अलर्ट के बाद हिरासत में लिए गए संदिग्ध आतंकवादी सरफराज मेमन ने दस साल हांगकांग में बिताए। पुलिस को उसके पास पासपोर्ट भी वहीं का मिला है। किसी को इस बात को लेकर शक न हो, इसलिए उसने हांगकांग से ही चीन की यात्राएं की। वहां जाकर ट्रेनिंग ली। पाकिस्तान में ट्रेनिंग के तो मामले पहले भी सामने आए हैं। यह पहला मौका है जहां चीन में ट्रेनिंग की बात सामने आई है।
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उसके पासपोर्ट में दस से ज्यादा बार चीन की एंट्री मिलने के बाद ही एनआईए ने उसकी निगरानी की। फिर मुबंई पुलिस को उसका आधार कार्ड मिला था। एनआईए से मिले इनपुट के आधार पर ही उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अफसर उसके परिवार के अन्य लोगों की जानकारी भी जुटा रहे हैं। उसका एक भाई कुवैत में भी रहता है। हांगकांग से वह भारत भी आता था। उसका परिवार इंदौर में रहता है। इस वजह से उसका इंदौर ज्यादा बार आना होता था। यहां भी वह जगह बदल-बदलकर रहता था। पहले वह खजराना में रह चुका है। वहां उसकी एक दुकान भी है। पासपोर्ट पर उसका पता चंदन नगर की ग्रीन पार्क काॅलोनी के फातिमा अपार्टमेंट का है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है कि भारत में उसका आना-जाना किस शहर में ज्यादा होता था। वहां वह किन लोगों से मिलता था। उसका मुबंई काफी जाना हुआ है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकाली जा रही है कि उसका संपर्क किन लोगों से था।