मनीषपुरी-साकेत नगर रोड़ इंदौर की ऐसी सड़क है, जो बीस वर्षों से विवादों में है। लंबे समय तक इसका विवाद कोर्ट में चला। कोर्ट से फैसला हुआ तो सड़क निर्माण की सेंट्रल लाइन और अलाइनमेंट पर विवाद खड़ा हुआ है। हर्ष नगर, सेंचुरी एस्टेट और टेलीफोन नगर के रहवासियों का आरोप है कि नगर निगम कुछ लोगों के दबाव में सड़क का अलाइमेंट बदलने की कोशिश कर रहा है।
रहवासियों को कहना है कि इंदौर नगर निगम अलाइनेंट बदलकर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के सहयोगी अशोक डागा के बंगले को बचा रहा है। हालांकि, सात माह पहले निगम ने सड़क के बाधक हिस्से को तोड़ा था, तब डागा के बंगले का हिस्सा भी टूटा था। रहवासी महेंद्रसिंह जादौन, आरएल द्विवेदी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के हिसाब से 40 फीट चौड़ी सड़क बनना है। नगर निगम ने पिछले साल सेंट्रल लाइन भी तय कर दी थी। इसके हिसाब से 20 फीट उत्तर और 20 फीट दक्षिण में कुल 40 फीट सड़क बना है लेकिन इसकी जद में आ रहे चार बंगलों को बचाने के लिए सड़क का अलाइनमेंट बदला जा रहा है। इस मामले में अशोक डागा का कहना है कि मास्टर प्लान के हिसाब से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। सड़क 40 फीट चौड़ी बन रही है। उसके हिसाब से मेरे बंगले का हिस्सा भी तोड़ा गया।
बार-बार बदली सड़क की चौड़ाई
राजेंद्र माथुर तिराहा से रिंग रोड तक इस सड़क की चौड़ाई अलग-अलग है। साकेत नगर चौराहा तक फीडर रोड प्रोजेक्ट के तहत 100 फीट चौड़ी सड़क दस साल पहले बन चुकी है। साकेत नगर चौराहा से मनीषपुरी तक 80 फीट चौड़ी सड़क बनी, लेकिन उससे आगे की सड़क की चौड़ाई को लेकर वर्षों तक कोर्ट में केस चला। पहले सड़क की चौड़ाई 80 फीट थी। मास्टर प्लान में उसे 40 फीट किया गया। अब 40 फीट चौड़ाई में सड़क बन रही है।