पुलिस हिरासत में प्राॅपर्टी ब्रोकर।
- फोटो : अमर उजाला
शिलांग में हुए राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने सत्रह दिन में सुलझा ली। इसके बाद हत्या में शामिल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन उसे तलाश थी आरोपियों की मदद करने वालों की। आरोपियों को सोलहवें दिन ही पता चल गया था कि वे पकड़े जा सकते है। इसके चलते उन्हें सबूतों को हटाने के लिए पर्याप्त समय मिल गया। इसमें उनकी मदद उस प्राॅपर्टी कारोबारी सिलोम जेम्स ने की, जिनसे उन्हें देवास नाका क्षेत्र में फ्लैट दिलाया था। सोनम के इंदौर से रवाना होने के बाद सिलोम फ्लैट पर गया था। उनसे बैग व अन्य वस्तुएं फ्लैैट से हटा दी।
मेघालय एसआईटी टीम और एफएसएल इंदौर, सोनम रघुवंशी का बैग जलाने वाले शिलोम जेम्स को लेकर इंदौर के हरे कृष्ण विहार कॉलोनी पहुंची। एफएसएल इंदौर ने फोरेंसिक जांच के लिए जले हुए बैग के टुकड़े और सोनम के सामान के जले हुए टुकड़े एकत्र किए।
जब शिलांग पुलिस इंदौर में फ्लैट की तलाशी लेने पहुंची थी तो उसे फ्लैट खाली मिला। सिलोम को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अब उससे बैग के बारे में पूछताछ की जा रही है। अभी भी पुलिस को सोनम के बैग, हत्या के बाद राजा के शरीर से निकाली गई चेन, अंगूठी नहीं मिल पाई है। इसके अलावा सोनम के दोनों फोन भी पुलिस अभी तक बरामद नहीं कर पाई है।
सिलोम पर सबूत नष्ट करने और हत्यारों की मदद करने का आरोप है। वह भोपाल भागने की तैयारी में था। शिप्रा पुलिस की मदद से उसे टोल नाके के पास से गिरफ्तार किया। आरोपी 8 जून को जब फ्लैट पर आया था तो वह एक शोरुम के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। इस बैग को पुलिस ने सोनम के घर जाकर भी तलाशा था, लेकिन वह नहीं मिला था। उधर रिमांड अवधि खत्म होने के बाद शिलांग पुलिस ने राज और सोनम को कोर्ट में पेश कर दिया है।