शिलांग के थाने में चारो आरोपी।
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हवालात में राज और सोनम की जिंदगी बदल चुकी है। न अपना शहर है, न कोई अपना साथ। एक दूसरे पर जान छिड़कने वाले वाले राज और सोनम के बीच अब तू-तू मैं-मैं की नौबत आ गई है। राजा मर्डर केस के मास्टर माइंड को लेकर राजा व सोनम के बीच ब्लैम गेम शुरू हो गया है। अब पुलिस अपने पुख्ता सबूतों की कसौटी पर दोनों को रखकर तय करेगी कि आखिर किसने रची थी साजिश। दोनों से पुलिस एक साथ पूछताछ करेगी।
सोनम की हां में हां मिलाने वाला राज कुशवाहा पुलिस के सामने अब खुद को बचाने के लिए हत्या का साजिशकर्ता होने के आरोप से इन्कार कर रहा है। उसने पुलिस को बयान दिया है कि सारी साजिश सोनम ने रची थी, जबकि सोनम कह रही है कि राज ने ही तीनों आरोपियों को हत्या के लिए तैयार किया। उन्हें सिम दी, टिकट कराए और पैसे भी दिए। सोनम को इंदौर में छिपाने और गाजीपुर भेजने के इंतजाम भी राज ने किए, लेकिन सबूतों के आधार पर बात करें तो सोनम ही मास्टर माइंड मानी जाएगी, क्योंकि हनीमून के बहाने वही राजा को शिलांग तक ले गई। हत्यारों से खाई में उसने मीटिंग की और हत्या के लिए ज्यादा पैसा देने का लालच दिया।
सोनम के आदेश पर ही किए वार
सोनम को हमले का मास्टरमांइड पुलिस इसलिए मान रही है, क्योंकि उसने झरने से पहले सीढ़ियों पर चढ़ते समय आरोपियों से मीटिंग की। उन्हें पंद्रह हजार रुपये दिए। इसके बाद बंद पार्किंग यार्ड में सोनम का आदेश पाते ही तीनों युवकों ने राजा पर वार किए। राजा को खाई में फेंकने में सोनम ने मदद की। उससे पहले शरीर से चेन, अंगूठी और ब्रेसलेट भी निकलवाया। हत्या के बाद आरोपी 11 किलोमीटर आगे सोनम से मिले।
राज ने हत्या के लिए राजी किया
इस हत्याकांड में राज की भूमिका तीनों युवकों को हत्या के लिए राजी करने की रही। उसने सबसे पहले अपने दोस्त विशाल को तैयार किया। फिर दूसरे दोनों आरोपी राजी हुए। सोनम से मिल रही लोकेशन राज ने हत्यारों को भेजी। हत्या के बाद हत्यारों से मीटिंग की। सोनम इंदौर आई तो उसे भी रुकवाने का प्रबंध किया, लेकिन राजा खुद मेघालय नहीं गया।