उर्वरक की मारामारी पूरे प्रदेश में चल रही है। किसान परेशान है और सरकार उर्वरक की कमी को दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस बीच भंडारण और कालाबाजी की भी शिकायत भी आ रही हैं। इसी तरह की एक शिकायत पर इंदौर जिले उर्वरक खाद की कालाबाजारी करने पर उर्वरक विनिर्माण इकाई संचालक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। उप संचालक कृषि ने बताया कि मेसर्स चातक एग्रो (इंडिया) प्रा.लि. विहाडिया तिल्लोर खुर्द खुडैल इंदौर की उर्वरक विनिर्माण इकाई का केन्द्रीय एवं जिला स्तरीय गुण नियंत्रण दल द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान मेसर्स की विनिर्माण इकाई में अनुदानित उर्वरक यूरिया, सिंगल सुपर फास्फेट एवं म्यूरेट ऑफ पोटाश अधिक मात्रा में भण्डारण पाया गया।
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छापेमारी में कई अधिकारी मौजूद रहे
इससे इनकी कालाबाजारी कर एन.पी.के. मिश्रित उर्वरक के विनिर्माण में निर्बाध रूप से प्रयोग किया जाना पाया गया। विनिर्माण इकाई से आवश्यक अभिलेख जैसे उर्वरक क्रय से संबंधित दस्तावेज, उत्पादन इकाई की क्षमता से संबंधित दस्तावेज, बैचवार उत्पादित एवं ग्रेड वार नमूने विश्लेषण परिणाम नहीं पाए गए। जिला स्तरीय गुण नियंत्रण दल में सहायक संचालक कृषि संदीप यादव, विजय जाट, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सत्यनारायण जाट तथा सी.एल.मालवीय उपस्थित थे।
इन धाराओं में हुई एफआईआर
उर्वरक की कालाबाजारी करने पर मेसर्स चातक एग्रो (इंडिया) प्रा.लि. बिहाडिया तिल्लोर खुर्द खुडैल इंदौर के प्रोपराइटर मोहित ऐरन के खिलाफ पुलिस थाना खुडैल में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। यह एफआईआर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत हुई है।