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Indore Cyber Fraud: डिजिटल हाउस अरेस्ट कर रिटायर्ड रेलवे अधिकारी से 45 लाख की ठगी, गुजरात से आरोपी गिरफ्तार

Thu, 09 Jul 2026 11:38 AM IST
इंदौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में डिजिटल हाउस अरेस्ट साइबर ठगी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। साइबर अपराधियों ने टेलीकॉम रेगुलेटरी अधिकारी बनकर एक रिटायर्ड रेलवे अधिकारी को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल हाउस अरेस्ट रखा और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर 45 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
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गुजरात से आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पुलिस एक ओर 'सेफ क्लिक' अभियान चलाकर लोगों को जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराधी ठगी के नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामले में साइबर ठगों ने एक रिटायर्ड रेलवे अधिकारी को खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी का अधिकारी बताकर 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' कर लिया और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर 45 लाख रुपये ठग लिए। मामले में कार्रवाई करते हुए राज्य साइबर सेल ने गुजरात से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

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फोन कर बताया- मोबाइल नंबर से हो रही हैं गैरकानूनी गतिविधियां
राज्य साइबर सेल के अधिकारियों के मुताबिक इंदौर निवासी रिटायर्ड रेलवे अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। आरोपी ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी (TRAI) का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने वाली है। यह सुनकर अधिकारी घबरा गए। इसके बाद उन्हें लगातार अलग-अलग विभागों के नाम से फोन आने लगे।

24 घंटे तक रखा 'डिजिटल हाउस अरेस्ट'
साइबर ठगों ने वीडियो कॉल और स्काइप के माध्यम से रिटायर्ड अधिकारी को लगभग 24 घंटे तक तथाकथित 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' में रखा। इस दौरान उनसे बैंक खातों, व्यक्तिगत दस्तावेजों और अन्य गोपनीय जानकारियां हासिल कर ली गईं।
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कानूनी कार्रवाई से बचाने के नाम पर 45 लाख रुपये ट्रांसफर कराए
ठगों ने अधिकारी को भरोसा दिलाया कि यदि वे जांच में सहयोग करेंगे और अपने बैंक खाते में जमा राशि सत्यापन के लिए बताए गए खातों में ट्रांसफर कर देंगे तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। डर के कारण रिटायर्ड अधिकारी ने अपने बैंक खाते से करीब 45 लाख रुपये आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

विदेश में रहने वाले परिजनों ने खोली ठगी की पोल
पूरे घटनाक्रम से परेशान रिटायर्ड अधिकारी ने विदेश में रहने वाले अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। परिजनों ने उन्हें समझाया कि किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा इस तरह वीडियो कॉल पर पूछताछ या डिजिटल हाउस अरेस्ट नहीं किया जाता। इसके बाद अधिकारी को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

साइबर सेल ने ट्रेस कर बचाए 15 लाख रुपये
शिकायत मिलने के बाद राज्य साइबर सेल ने कार्रवाई शुरू की। जिस मोबाइल नंबर से कॉल किया गया था, उसे ट्रेस किया गया। साथ ही जिन बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर किए गए थे, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया गया। समय रहते कार्रवाई होने से करीब 15 लाख रुपये पीड़ित के खाते में वापस रिफंड करा दिए गए।

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गुजरात से आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान बैंक खातों के आधार पर राज्य साइबर सेल ने गुजरात के वडोदरा निवासी हिरद कंसारा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी वडोदरा में प्लेसमेंट कंपनियां संचालित करता है और उसके खिलाफ अहमदाबाद तथा वडोदरा में धोखाधड़ी के कई मामले पहले से दर्ज हैं। इसके अलावा हरियाणा में भी 'डिजिटल हाउस अरेस्ट' से जुड़े एक मामले में उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
राज्य साइबर सेल का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। उसकी निशानदेही पर इस साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
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'सेफ क्लिक' अभियान के बावजूद बढ़ रहे साइबर अपराध
इंदौर में पुलिस लगातार 'सेफ क्लिक' अभियान के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक कर रही है। इसके बावजूद डिजिटल हाउस अरेस्ट, फर्जी सरकारी अधिकारी बनकर धमकाने और ऑनलाइन ठगी जैसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें और संदेह होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें।
 

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