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Indore: यूनिवर्सिटी के बाहर आंदोलन कर रहे छात्रों को पुलिस ने खदेड़ा, कई घायल, एनएसयूआई पदाधिकारी गिरफ्तार

Thu, 24 Aug 2023 06:46 PM IST
अर्जुन रिछारिया न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में स्टूडेंट्स ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इसमें इंदौर के आसपास के कई जिलों के स्टूडेंट्स ने भाग लिया। एनएसयूआई के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। 
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डीएवीवी के गेट पर विरोध के दौरान बल प्रयोग करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) के आरएनटी मार्ग परिसर के बाहर स्टूडेंट्स ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इसमें इंदौर के आसपास के कई जिलों के स्टूडेंट्स ने भाग लिया। एनएसयूआई के बैनर तले हुए इस विरोध प्रदर्शन में स्टूडेंट्स की भारी संख्या देखते हुए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने पानी की तेज बौछारों के साथ स्टूडेंट्स को यूनिवर्सिटी के गेट से दूर खदेड़ा। कई जगह पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा जिसमें कई स्टूडेंट्स को चोट आई। पुलिस ने एनएसयूआई अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, पंकज प्रजापति, विकास नंदवाना को गिरफ्तार कर लिया है। 
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एनएसयूआई के कई कार्यकर्ता घायल हुए। - फोटो : अमर उजाला, इंदौर
क्यों हो रहा विरोध
डीएवीवी में चल रही अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई ने यह विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई का कहना है कि रिजल्ट देर से आ रहे हैं, परीक्षाएं अनियमित हो रही हैं और सभी अधिकारी सो रहे हैं। रिजल्ट में गड़बड़ियां हो रही हैं जिससे छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाल ही में 10 हजार बच्चों को एमबीए की परीक्षा में फेल किया गया है। कई विषयों में समय पर एग्जाम नहीं होने के कारण तीन वर्ष का कोर्स पांच वर्ष में पूरा हो रहा है। विश्वविद्यालय एग्जाम टाइम टेबल का सही ढंग से पालन नहीं हो पा रहा है। विश्वविद्यालय में कर्मचारियों के बहुत से पद खाली पड़े हैं जिन्हें खाली रखने से काम प्रभावित हो रहा है। कोर्स पूरा होने के बाद छात्र डिग्री और रिजल्ट की कापी के लिए भटकते रहते हैं। यह दस दिन के अंदर छात्रों को मिलना चाहिए। यूनिवर्सिटी के कई इमारतों की हालत खराब है और बारिश में पानी टपकता है। कई शिकायों के बाद में भी इसका निराकरण नहीं किया जा रहा है। बाहर से पढ़ने आ रहे छात्रों के लिए हॉस्टल की उचित व्यवस्था नहीं है। कई छात्रों को शहर में मजबूरी में महंगी जगह लेना पड़ती है। सीईटी की परीक्षा में भी कई बार धांधली और लेटलतीफी के आरोप लगते रहे हैं। इससे छात्र परेशान होकर प्राइवेट कालेजों में महंगी सीट पर एडमिशन लेते हैं। 
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