भोपाल गैस त्रासदी से जुड़ी यूनियन कार्बाइड फैक्टर के कचरे को लेकर पीथमपुर में जबरदस्त किच-किच चल रही है। ये कचरा पीथमपुर में नष्ट किया जाना है, लेकिन स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। पीथमपुर में हालत बहुत अधिक बिगड़ चुके हैं। दो लोगों ने आत्मदाह का प्रयास किया है। दोनों को गंभीर हालत में चोइथराम अस्पताल में भर्ती किया गया। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यहां पहुंचकर दोनों युवकों का हाल जाना। साथ ही डॉक्टरों से बात कर उनके बेहतर इलाज के निर्देश दिए। पीथमपुर के हर गली मोहल्ले सड़क पर लोगों की भीड़ उतर आई है। मामले को लेकर पीथमपुर में सैलाना के विधायक कमलेश्वर डोडियार 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठ गए हैं। डोडियार का कहना है कि 337 मैट्रिक टन जहरीले कचरे को यहां जलाने से लोगों को कैंसर होने का खतरा है। सरकार का रवैया ठीक नहीं है। देर रात तक अलग अलग जगह प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं और नारेबाजी कर रहे हैं। पीथमपुर से आने जाने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। राऊ, महू, मुंबई-आगरा रोड सभी पूरी तरह से बंद हैं। पुलिस ने देर रात कुछ रास्तों पर लाठीचार्ज करके आवाजाही शुरू करवाई है।
कचरा आते ही उग्र हुआ प्रदर्शन
बता दें कि भोपाल से पीथमपुर में कचरा आने के बाद से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सांसें फूली हुई हैं। पुलिस, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की समझाइश का जनता पर कोई असर पड़ता नजर नहीं आ रहा है। सभी संगठन, संस्थाएं एक मंच पर आकर इसका विरोध कर रही हैं।
इंदौर आने-जाने के सभी रस्ते बंद
पीथमपुर में लोगों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने चारों तरफ से आने-जाने के रास्ते बंद कर दिए हैं। इंदौर जाने का रास्ता पूरी तरह से बंद है। यहां लोगों को पीने का पानी भी नहीं मिल रहा है। खाने का सामान भी नहीं है। यहां की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूर परेशान हो रहे हैं।