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Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: इंदौर से जुड़ी खास यादें, भतीजी माला तिवारी ने बताए यादगार किस्से

Mon, 25 Dec 2023 05:09 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: भारतीय जनता पार्टी के नेता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में हुआ था। आज अगर अटलजी होते वे 99 बसंत पूर्ण कर 100वें वर्ष में प्रवेश करते। आज उनके जन्मदिवस पर उन्हें स्मरण करते हुए बड़े भाई सदाबिहारी वाजपयी की बड़ी बेटी और अटलजी की भतीजी माला तिवारी बताती है कि अटलजी का उनसे विशेष प्रेम था।  
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भतीजी माला तिवारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माला तिवारी अटलजी की बड़ी लाड़ली थी। उन्होंने बताया कि जब उनसे हम किसी चीज की इच्छा जाहिर करते वे तुरंत हमारे लिए बुलवा देते थे। जब वे प्रधानमंत्री बने तो परिवार के लोगों को उन्होंने विशेष रूप से आमंत्रित किया और वो भी उनके शपथ समारोह में शामिल हुई थी। अटलजी को स्वादिष्ट भोजन का विशेष प्रेम था, वे मूंग की दाल करायल पनोचे, घर में निर्मित शुद्ध घी की मठरी बहुत प्रिय थी। जब कभी वे विदेश जाते तो कुछ न कुछ जरुर लेकर आते थे। 

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इंदौर से खास प्रेम
अटलजी का इंदौर से खास प्रेम था ,पचास के दसक में सिख मोहल्ले में भगिनी मडंल के कार्यकर्म में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। राजबाड़े पर आयोजित होने वाली अटलजी की सभाये आज भी इंदौर के कई लोगो को  याद है।  उनकी सभा में समय से पूर्व लोग इकट्ठा हो जाते थे और उन्हें बड़े ध्यान से सुनते थे ,उन्हें सुनने वाले श्रोता सभी दलों के होते थे।
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60 किलो फूल का हार पहनाया
फरवरी 1983 में इंदौर नगर निगम चुनाव में भाजपा को विजय बनाने के लिए मतदाताओं से अपील के लिए राजबाड़े पर अटल बिहारी वाजपेयी ने संबोधित किया था। अटलजी की सभा में नगर के 60 वार्डो के पार्षद मंच पर विराजित थे, उन्हें 60 किलो फूल का हार पहनाया था। सभा को कैलाश जोशी ने भी संबोधित किया था। भाजपा के तत्कालीन नगर अध्यक्ष पंडित श्रीवल्लभ शर्मा ने सभा का संचालन किया था।  
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आचार्य विद्यासागर जी महाराज से लिए आशीर्वाद
1999 में अटलजी लोकसभा चुनाव के सिलसिले में इंदौर जनसभा को संबोधित करने आए  तो गोमटगिरी पर विराजित आचार्य विद्यासागर जी महाराज से आशीर्वाद लेने गए थे। आचार्यश्री से अटलजी ने करीब 35 मिनट चर्चा की थी। अटलजी ने इंदौर में आयोजित देवी अहिल्या बाई पुरस्कार पुरस्कार से नानाजी देशमुख को सम्मानित किया था। अटलजी इंदौर अक्सर आया करते थे और जनमानस से मेलजोल किया करते थे।

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