आगामी वर्ष 2025 में इंदौर से खंडवा या अकोला जाते समय न वाहन चालकों को घुमावदार घाटों का सामना करना पड़ेगा और न ही तेज ढलान मिलेगा। इस हाइवे पर बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण 204 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बन रहा है। दोनोंं शहरों की दूरी और समय कम करने के साथ हादसों पर लगाम लगाने के लिए घाटों को भी खत्म किया गया है। भैरवा घाट में तीन सुरंगें लगभग तैयार हो चुकी हैं। तीनों सुरंगों के दोनों तरफ के सिरे भी खुल गए हैं।
काम पूरा होने के बाद तीनों सुरंगों से सरपट वाहन गुजरेंगे। पहाड़ों के बीच से करीब डेढ़ किलो मीटर लंबाई की इन सुरंगों से होकर वाहन गुजरेंगे। अब सुरंगों में सड़क बनेगी। फिलहाल सुरंगों को मजबूती देने केे लिए स्टील के कर्व बनाए जा रहे हैं। सुरंगों के आगे की राह आसान करने के लिए सिमरोल घाट की खाई में फोरलेन ब्रिज बन रहा है, जिसकी लंबाई एक किलोमीटर से ज्यादा है। खंडवा से सनावद तक के बीच सड़क का काम पूरा हो चुका है।
अब घाट सेक्शन का काम ही बचा है, जो सालभर के भीतर पूरा हो जाएगा। इस हाइवे के बनने से खंडवा से इंदौर की सिर्फ ढाई घंटे में पहुंचा जा सकेगा। वहीं, ओंकारेश्वर तक इंदौर से एक घंटे के भीतर यात्री पहुंच सकेंगे। इंदौर उज्जैन मार्ग को आठ लेन किया जा रहा है। इसके बाद उज्जैन से ओंकारेश्वर तक का सफर डेढ़ घंटे में पूरा हो जाएगा। वाहन चालकों को इस हाइवे पर नई सड़क बनने के बाद ट्रैफिक जाम से भी मुुक्ति मिल जाएगी।
क्यों जरुरी है इंदौर-खंडवा फोरलेन
एक नजर- इंदौर-खंडवा फोरलेन प्रोजेक्ट पर