सुनवाई के दौरान न्याय मित्र के रुप में शामिल हुए मेयर।
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इंदौर के बिगड़े ट्रैफिक को लेकर हाईकोर्ट में लगी याचिका के दौरान इंदौर के मेयर, कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर शामिल हुए और उन्होंने अपना पक्ष रखा। कोर्ट ने अफसरों से पूछा कि ट्रैफिक सुधारने को लेकर क्या-क्या प्रयास हुए हैं। अफसरों ने ट्रैफिक को लेकर हुए कामों की जानकारी दी। मेयर बतौर न्याय मित्र सुनवाई में शामिल हुए और ट्रैफिक को लेकर सुझाव देते हुए कहा कि इंदौर में 35 लाख की जनसंख्या है और उतने ही वाहन भी हैं। शहर मे नियम तोड़ने वालों पर ठोस कदम उठाना होंगे।
महापौर भार्गव ने कहा कि ई रिक्शा के संचालन को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के अनुरूप स्पष्ट नियम बनाए जाने की आवश्यकता भी कोर्ट के समक्ष जताई गई। मेयर ने टू-व्हीलर चालकों द्वारा नियम उल्लंघन पर जारी चालानों की वसूली के लिए उच्च न्यायालय ने सुझाव दिया कि हर साल वाहन बीमा के समय बकाया चालान वसूले जाएं।
कोर्ट को बताया गया कि शहर में ट्रैफिक मित्र भी यातायात व्यवस्था संभालते है और वाहन चालकों को नियमों का पालन करवाते है। ई-चालान और ट्रैफिक रेगुलेशन को लेकर उच्च न्यायालय द्वारा भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए जाएंगे।
सुनवाई के समय ही ट्रैफिक जाम
जब ट्रैफिक को लेकर सुनवाई चल रही थी। उसी वक्त कोर्ट के बाहर एमजी रोड पर ट्रैफिक जाम हो गया और सैकड़ों वाहन गुत्थम-गुत्था हो गए। आधे घंटे तक एमजी रोड का ट्रैफिक बाधित हुआ। ट्रैफिक जाम दो वाहनों के टकराने की वजह से हुआ था। उधर शाम को भी श्रमिक क्षेत्र में निकली एक यात्रा के कारण यातायात बाधित रहा। विजय नगर की तरफ से पाटनीपुरा वाले वाहनों को मारुति नगर की तरफ मोड़ दिया गया। इससे सुखलिया ग्राम मार्ग सहित अन्य मार्गों पर वाहन फंस गए।