इंदौर में ड्रग्स की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पुलिस और प्रशासन भी ड्रग्स के मामलों को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में इस बार इंदौर के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को बड़ी कामयाबी मिली है। देश के अलग-अलग पांच राज्यों के 7 शहरों में ब्यूरो ने ड्रग्स के खिलाफ अभियान चलाया था। ब्यूरो इस अभियान को बीते छह दिनों से चला रहा था। ब्यूरो ने कार्रवाई में 130 किग्रा गांजा जब्त किया गया है और तीन आरोपी भी गिरफ्तार किए हैं। ये तीनों आरोपी छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान के रहने वाले हैं।
कमिश्नर जता चुके चिंता
हाल ही में पुलिस कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने भी अमर उजाला से बातचीत में इस बात पर चिंता जताई थी कि शहर में तेजी से बढ़ते हुए ड्रग्स के मामले सबसे अधिक चिंता का विषय हैं। उन्होंने बताया था कि ड्रग्स के मामले में पुलिस अधिकांशतः खुफिया इनपुट्स पर निर्भर रहती है। इन मामलों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कई स्तर पर काम कर रही है।
इंदौर में कैसे आ रहा गांजा
इंदौर की सीमा से सटे गांवों से गांजे की बड़ी खपत इंदौर में आती है। पुलिस कार्रवाई में यह साफ हो चुका है कि आसपास के गांव और रिमोट क्षेत्रों से गांजा शहर में लाया जाता है। देश के अन्य प्रदेशों से भी यह सीधा इंदौर में नहीं आता। पहले इसे इंदौर के आसपास के गांवों में प्लांट किया जाता है फिर सही समय देखकर इसकी खेप इंदौर में लाई जाती है।
युवा अधिक कर रहे गांजे का सेवन
गांजे की खपत बढ़ने का सबसे प्रमुख कारण है युवाओं के बीच इसकी डिमांड होना। पिछले कुछ सालों से गांजा युवाओं के बीच तेजी से पैर पसार रहा है। कालेज स्टूडेंट्स के साथ स्कूल स्टूडेंट्स भी गांजे का सेवन करते हुए कई बार पकड़ाए हैं। अन्य सभी ड्रग्स या नशे के सामानों की तुलना में यह सस्ता होता है और आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है। युवा इससे शुरूआत करते हैं और धीरे धीरे कई खतरनाक ड्रग्स की चपेट में आ जाते हैं। इससे उनकी जान पर बन आती है।