राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की मॉनिटर पूर्वा मित्तल शनिवार को इंदौर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले महिला थाना पहुंचकर वहां की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया। इस दौरान महिला संबंधी अपराधों के पंजीयन, जांच और मामलों के निराकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी ली।
पूर्वा मित्तल ने थाने में दर्ज विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से चर्चा की और महिला अपराधों के मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निपटारा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के खिलाफ इस प्रकार की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। ऐसे मामलों की लगातार मॉनिटरिंग के साथ महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनों और प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है।
महिला थाना निरीक्षण के बाद पूर्वा मित्तल भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) इंदौर पहुंचीं। यहां उन्होंने छात्रों के साथ मानवाधिकार, सामाजिक जिम्मेदारी, महिला सुरक्षा और जागरूकता जैसे विषयों पर संवाद किया। उन्होंने युवाओं से समाज में संवेदनशीलता बढ़ाने, मानवाधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा समानता और न्याय की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
क्या बोलीं मित्तल?
भोपाल के ट्विशा हत्याकांड पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए।