इंदौर में एक महीने तक छात्र आंदोलन चला और इस दौरान कई बड़े नेता यहां पर पहुंचे। अलग-अलग पार्टियों और संगठनों के प्रतिनिधियों ने यहां पर छात्रों से संवाद किया।
नीट पेपर लीक के मामले में इंदौर में एक महीने तक छात्र आंदोलन चला। इस दौरान शहर की राजनीति में भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। भंवरकुआं पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए कई राजनीतिक पार्टियों और संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे। सभी ने अपनी पार्टी के बैनर झंडों को पीछे करके सिर्फ मुद्दों पर बात की। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी छात्रों से संवाद करने के लिए यहां आए। इसके साथ कम्युनिस्ट पार्टी, जनहित पार्टी, भीम आर्मी समेत कई अन्य पार्टियों और संगठनों के प्रतिनिधि यहां पर पहुंचे। छात्रों ने सभी से अपील की कि वे अपनी पार्टियों के प्रचार की जगह छात्रों के मुद्दों को प्राथमिकता दें और हुआ भी यही। सभी ने सिर्फ छात्रों से शिक्षा व्यवस्था पर बात की।
विज्ञापन
इसी वजह से सफल हुआ आंदोलन
छात्र आंदोलन में शुरू से जुड़े रहे भारत चौधरी ने कहा कि जो भी संगठन या पार्टी के नेता हमारे आंदोलन में आ रहे थे हम उन्हें शुरू में ही यह बात समझा देते थे। हम कहते थे कि छात्रों की बात रखें बाकि अपनी पार्टी के एजेंडे को यहां पर प्रचार न करें। भारत ने कहा कि इसी वजह से यह आंदोलन सफल भी रहा।
इंदौर आएंगे अभिजीत दीपके
इंदौर में चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके लगातार संवाद करते रहे। इंदौर के छात्रों को दीपके ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही इंदौर आएंगे और छात्रों से संवाद करेंगे। भारत चौधरी ने कहा कि अभिजीत ने आंदोलन की शुरुआत से ही संपर्क बनाए रखा। मध्यप्रदेश के कई जिलों के छात्रों के साथ वे लगातार संपर्क में हैं। पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके मध्यप्रदेश में चल रही समस्याओं से भी अवगत हैं। उनका कहना है कि यहां के छात्रों को आगे आना होगा तभी समस्याओं का हल निकलेगा। वे छात्रों का हर शैक्षणिक और सामाजिक मुद्दे पर समर्थन करेंगे।