मंदिर तोड़े जाने के विरोध मेें एमआईसी मेंबर शर्मा खुद धरने पर बैठे।
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पटेल नगर के मंदिर तोड़े जाने का विवाद अभी थमा नहीं है और नगर निगम ने फिर इंदौर के सूर्यदेेव नगर में मंदिर तोड़ दिया। इससे नाराज रहवासियों ने नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और धरने पर बैठ गए। इसका पता जब क्षेेत्रीय पार्षद व जलकार्य समिति प्रभारी बबलू शर्मा को चला तो वे भी मौके पर पहुंचे और रहवासियों का समर्थन करते हुए धरने पर बैैठ गए और कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को हटाए जाने तक वे धरने से नहीं उठेंगे। उनका कहना था कि अफसरों ने उन्हें भी मंदिर तोड़े जाने की जानकारी नहीं दी।
बुधवार को नगर निगम की रिमूवल गैंग पुलिस बल के साथ सूर्यदेव नगर पहुंची और यहां बने एक मंदिर को तोड़ने लगी। काॅलोनी के लोग एकत्र होते, तब तक जेसीबी ने मंदिर का आधा ढांचा तोड़ दिया। रहवासियों ने मंदिर तोड़े जाने के वीडियो बनाए और काॅलोनी के वाट्सअप ग्रुपों पर भेज दिए। रिमूवल गैंग के साथ आए अफसरों का कहना था कि बगीचे की जमीन पर बगैर अनुमति मंदिर बनाया गया हैै।
रहवासी मंदिर तोड़े जाने के विरोध में लामबंद होतेे, तब तक रिमूवल गैंग मौके से जा चुकी थी। बाद में जब क्षेत्रीय पार्षद बबलू शर्मा पहुंचे तो लोगों ने उन्हें घेर लिया और कहा कि किसकी अनुमति से मंदिर तोड़ा गया। इस पर शर्मा ने कहा कि उन्हें भी अफसरों ने जानकारी नहीं दी। लोगों ने चंदा एकत्र कर मंदिर बनाया था। जिस अफसर ने जनता को विश्वास में लिए बगैर मंदिर तोड़ा, उसे निलंबित किया जाना चाहिए। अफसर मंदिर तोड़कर सरकार को बदनाम घोषित कर रहे है। जनप्रतिनिधियों की मदद से फिर बगीचे में मंदिर बनाया जाएगा।