भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय
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मालवा निमाड में इंदौर की एक नंबर विधानसभा सीट सबसे चर्चित हो रही है। इस सीट पर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और कांग्रेस उम्मीदवार संजय शुक्ला आमने सामने है। कांग्रेस उम्मीदवार संजय शुक्ला ने नामांकन पत्र में पश्चिम बंगाल में दर्ज दुष्कर्म के केस और छत्तीसगढ़ में दर्ज एक अन्य केस की जानकारी पाने के मामले में विजयवर्गीय को घेरा है। इस मामले में कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग को शिकायत की, लेकिन आयोग ने आपत्ति खारिज कर दी है। अब कांग्रेस इस मामले को कोर्ट में ले जाने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस के प्रवक्ता चरण सिंह सापरा ने कहा कि विजयवर्गीय की अफसरों से मिलीभगत है, इसलिए दो आपराधिक प्रकरणों की जानकारी नहीं देने के बावजूद अफसरों ने नामांकन पत्र मंजूर कर लिया। अब इस मामले में हम हाईकोर्ट में याचिका लगाएंगे। सपरा ने कहा कि बंगाल के अलीपुर में एक महिला द्वारा दर्ज कराए गए प्रकरण के मामले को खुद विजयवर्गीय ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
इसके अलावा 1999 से उन पर छत्तीसगढ़ में केस चल रहा है। दोनों मामले उनकी जानकारी में हैं, इसके बावजूद उन्होंने नामांकन पत्र में इनका उल्लेख नहीं किया तो विजयवर्गीय के नामांकन को मंजूरी कैसे दे दी गई। यह दर्शाता है कि अफसर भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं।
फरार कैसे हो सकता हूं : विजयवर्गीय विजयवर्गीय ने कहा कि 1990 से मैंने छह विधानसभा चुनाव और मेयर का चुनाव लड़ा है। मैं फरार कैसे हो सकता हूं। देशभर में हम जाते हैं। कई बार राजनीतिक प्रकरण दर्ज हो जाते हैं। कहीं कोई जानकारी रह गई होगी तो हम उसे ठीक कर लेंगे। विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस सीधे तौर पर चुनाव जीत नहीं सकती, इसलिए डर्टी पाॅलिटिक्स का सहारा ले रही है।