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MP Election 2023:पहलवान टेलर हैं उम्मीदवारों के डिजाइनर, इनके बनाए कुर्ते पहनकर वे जाते हैं प्रचार करने

Thu, 09 Nov 2023 07:26 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इस चुनावी मौसम में पहलवान टेलर की शाॅप देर रात तक खुली रहती है। जनसंपर्क के लिए एक एक उम्मीदवार ने 15 से 20 जोड़ कुर्ते सिलवाए और अब जिन्हें अपनी जीत पर भरोसा है, उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के लिए भी कुर्ते पायजामे का आर्डर दे दिया है। 
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उम्मीदवारों के कुर्ते तैयाार करते पहलवान टेलर - फोटो : amar ujala digital
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विस्तार
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इंदौर के पहलवान टेलर के सिले कुर्ते पायजामों के नेता इतने कायल हैं कि दूर-दूर से नाप देने चले आते हैं। इस चुनावी मौसम में पहलवान टेलर से 130 उम्मीदवार सैकड़ों कुर्ते पायजामे सिलवा कर जनता के बीच वोट मांगने जा रहे हैं। इनका नाप, कटिंग और तुरपाई के कुर्ते पायजामे के प्रदेश ही देश के भी कई नेता मुरीद हैं। जयराम ठाकुर जब हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तो कुर्ते का नाप देने इंदौर के एमजी रोड पर पहलवान टेलर की दुकान पर देने आए थे। अभी भी उनके कुर्ते इंदौर से ही जाते हैं। देश के प्रधानमंत्री राजीव गांधी, अर्जुन सिंह, मोतीलाल वोरा भी इनके सिले कुर्ते पहन चुके है।

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देर रात तक खुली रहती है दुकान
इस चुनावी मौसम में पहलवान टेलर की दुकान देर रात तक खुली रहती है। जनसंपर्क के लिए एक एक उम्मीदवार ने 15 से 20 जोड़ कुर्ते सिलवाए और अब जिन्हें अपनी जीत पर भरोसा है, उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के लिए भी कुर्ते पायजामे का आर्डर दे दिया है।

ऐसे पड़ा पहलवान टेलर नाम
पहलवान टेलर नाम कैसे पड़ा? इसके बारे में राजेश मकवाना बताते हैं कि दादाजी गोवर्धनलाल पहलवान थे। महाराजा तुकोजीराव होलकर ने उन्हें पेलवान टेलर के नाम से पुकारते थे, इसलिए दुकान का नाम भी पहलवान टेलर्स रखा। हमारी दुकान 110 साल पुरानी है।
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मकवाना कहते हैं कि मालवा निमाड़ के तो ज्यादातर नेता हमारे पास ही कुर्ते सिलवाने आते हैं। सबसे ज्यादा कुर्ते पायजामे की डिमांड चुनाव में रहती है। उम्मीदवार इस समय हल्की क्वालिटी के कुर्ते सिलवाते है, क्योंकि गुलाल, हार फूल के कारण वे जल्दी खराब हो जाते है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद अच्छी क्वालिटी के कुर्ते शपथ ग्रहण समारोह के लिए सिलवाते हैं। सिलाई सहित उनकी कीमत पांच से छह हजार रुपये आती है।

15 साल से नहीं बदला इन नेताओं का नाप
टेलर राजेश मकवाना बताते है कि कैलाश विजयवर्गीय, सरदारपुर के विधायक प्रताप ग्रेवाल, जीतू पटवारी, विजय शाह का नाप दस-पंद्रह सालों से नहीं बदला। पाव इंच का भी फर्क नहीं पड़ा। वे बताते हैं कि पहले नेता नाड़े का पायेजामा पहनते थे, लेकिन अब पेंट की तरह पायेजामा सिलवाने में ज्यादा रुचि लेते हैं। कुछ विधायक अभी भी नाड़े वाला पायेजामें ही पहनना पसंद करते है।

कांग्रेस नेता भी सिलवाते हैं मोदी जैकेट
आजकल कुर्ते पायजामे के साथ जैकेट पहनने का फैशन भी बढ़ गया है। पहले नेहरु जैकेट प्रचलित थी। अब मोदी जैकेट की डिमांड है। कुछ कांग्रेस नेता भी मोदी स्टाइल में जैकेट सिलवाते है। मकवाना बताते हैं कि कांग्रेस नेता ज्यादातर सफेद कुर्ते सिलवाते हैं, जबकि भाजपा नेता और विधायक अब दूसरे कलर के कुर्ते भी सिलवाने लगे हैं।

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