45 साल के अक्षय बम ने छोड़ी कांग्रेस।
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Akshay Kanti: लोकसभा चुनाव 2024 के बीच कांग्रेस को मध्य प्रदेश में बड़ा झटका लगा है। इंदोर लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी डॉ. अक्षय कांति बम नामांकन वापस लेकर चुनावी मैदान से बाहर हो गए हैं। इससे प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल मचा दी है। इसकी चर्चा इसलिए भी अधिक हो रही है क्योंकि इंदौर में 13 मई को मतदान होना था, ऐसे में मदान से 15 दिन पहले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के गृह नगर इंदौर में कांग्रेस के पास प्रत्याशी ही नहीं बचा है। आइए, जानते हैं डॉ. अक्षय कांति बम कौन हैं?
डॉ. अक्षय कांति बम पहली बार चुनावी मैदान में उतरे थे। कांग्रेस ने पहली बार में ही उन्हें लोकसभा का टिकट दिया था। बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के देश का सबसे बड़ा चुनाव लड़ने के कारण वह तुरंत चर्चा में आ गए थे। 45 साल के अक्षय बम इंदौर शहर के सफल उद्धमी और युवा नेता हैं। डॉ. अक्षय कांति बम का जन्म इंदौर शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी बम परिवार के कांतिलाल बम के यहां हुआ।
डॉ. अक्षय कांति बम की प्रारंभिक शिक्षा इंदौर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान डेली कॉलेज इंदौर (Daly College Indore) से हुई। उसके बाद उन्होंने मुंबई के प्रसिद्ध सिडेनहैम कॉलेज से बीकॉम ऑनर्स (Bcom hons), देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर से लॉ (LL.B Hons) और एमबीए (Public Administration) में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त कर प्रवीण्य सूची में स्थान प्राप्त किया। उच्च शिक्षा के इसी क्रम में श्रीधर यूनिवर्सिटी पिलानी राजस्थान से मैनेजमें (Management) में PhD की उपाधि प्राप्त की। समाजसेवी परिवार में जन्म होने के कारण डॉ. अक्षय कांति बम पर बचपन से पारिवारिक पृष्ठभूमि का प्रभाव रहा और वे राजनैतिक व सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेते रहे हैं। डॉ. अक्षय कांति बम ने 23 वर्ष की अल्प आयु में वर्ष 2003 में 'इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ़ लॉ' की स्थापना की और वर्ष 2006 में इंदौर नर्सिंग कॉलेज व 2010 में आइडिलिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की स्थापना की।
संस्था केशरिया के संरक्षण है बम
डॉ. अक्षय कांति बम इंदौर शहर की सुप्रसिद्ध समाजसेवी संस्था 'संस्था केशरिया' के संरक्षक हैं। संस्था केशरिया के माध्यम से अक्षय बम निराश्रित और निर्धन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, पठन पाठन सामग्री व उनके मार्गदर्शन के लिए करियर काउंसलिंग की निशुल्क सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। संस्था के माध्यम से शहर के चिन्हित जरूरतमंद परिवारों को निशुल्क राशन वितरित किया जाता है। महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से संस्था द्वारा महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण दिया जाता है और निशुल्क सिलाई मशीन का वितरण की जाती है। गरीब छात्रों को निशुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण, पानी के टैंकर के माध्यम से निशुल्क पेय जल वितरण, स्वास्थ शिविर के माध्यम से गरीब और बेसहारा लोगों के निशुल्क आंख के ऑपरेशन, धार्मिक श्रद्धालुओं को निशुल्क तीर्थ स्थल की यात्रा करवाई जाती है। डॉ. अक्षय कांति बम को सन् 2017 में Entrepreneur of the year Award और 2019 में ICON of MP के अवॉर्ड से नवाजा गया।
विधानसभा चुनाव का टिकट मांगा, कांग्रेस ने किया दरकिनार
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए डॉ. अक्षय बम ने मप्र विधानसभा चुनाव में इंदौर की चार नंबर सीट से टिकट मांगा था। लेकिन, कांग्रेस ने तब उन्हें टिकट नहीं दिया था। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें इंदौर सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। लेकिन, अब बम ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर कमल का फूल थाम लिया है।