स्थानीय लोगों के आरोपों और इस गंभीर लापरवाही को देखने के पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के जरिए जांच करवाई।
इंदौर और महू के बीच चलने वाली डेमू पैसेंजर ट्रेन से जुड़ा एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसमें ट्रेन बीच ट्रैक पर खड़ी दिखाई दे रही है, जबकि उसका लोको पायलट पटरी के किनारे स्थित एक दुकान पर मौजूद है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोको पायलट दुकान से समोसे खरीदता है और फिर वापस इंजन की तरफ बढ़ता है। उसके ट्रेन में सवार होने के बाद ही गाड़ी आगे के लिए रवाना होती है।
विज्ञापन
राऊ के रंगवासा रोड की घटना
यह पूरा घटनाक्रम राऊ क्षेत्र के रंगवासा रोड इलाके का बताया जा रहा है। वहां रहने वाले स्थानीय निवासियों ने रेल प्रबंधन और व्यवस्थाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इंदौर-महू डेमू ट्रेन अक्सर इस जगह पर कुछ मिनटों के लिए खड़ी हो जाती है। इस दौरान लोको पायलट ट्रेन से नीचे उतरता है और पास की दुकान से गरमा-गरम समोसे खरीदकर लाता है। निवासियों के मुताबिक यह रोजाना की बात बन चुकी है, जिसके चलते यात्रियों को बेवजह इंतजार करना पड़ता है।
पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें यह भ्रामक दावा किया गया है कि एक मालगाड़ी को चालक दल द्वारा भोजन खरीदने के लिए बीच मार्ग में रोका गया। यह दावा पूर्णतः असत्य, भ्रामक एवं तथ्यों से परे है। वास्तविकता यह है कि कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस की मालगाड़ी, जिसे लोको संख्या 27237 एवं 27600 संचालित कर रहे थे, राऊ (RAU) यार्ड में पूर्व निर्धारित इंजीनियरिंग कार्य के कारण राऊ होम सिग्नल पर निर्धारित परिचालन कारणों से पहले से ही खड़ी थी। ट्रेन को किसी भी परिस्थिति में भोजन या अन्य निजी कार्य के लिए नहीं रोका गया था।