प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में मंजूर की गई नई आबकारी नीति के तहत आगामी वित्त वर्ष के लिए देसी और विदेशी शराब दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। वर्तमान ठेकेदारों को 20 प्रतिशत अधिक राजस्व देने पर नवीनीकरण का लाभ मिलेगा, जिससे वे आगामी वर्ष के लिए भी अपनी दुकानों का संचालन कर सकेंगे। यदि नवीनीकरण की प्रक्रिया के बावजूद सभी दुकानों की नीलामी नहीं होती या निर्धारित 80 प्रतिशत राजस्व वृद्धि नहीं मिलती, तो इन दुकानों को ई-टेंडर के माध्यम से बेचा जाएगा। सहायक आबकारी आयुक्त मनीष खरे के अनुसार, नई नीति के तहत नवीनीकरण के आवेदन आज से स्वीकार किए जाएंगे और इन्हें जमा करने की अंतिम तिथि 21 फरवरी को शाम 6 बजे तक निर्धारित की गई है। प्राप्त आवेदनों पर 27 फरवरी तक कार्रवाई पूरी की जाएगी। नवीनीकरण के बाद जो दुकानें बचेंगी, उन्हें ई-टेंडर के माध्यम से 4 मार्च से नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
इंदौर में 173 देसी विदेशी शराब दुकानें
इंदौर जिले में कुल 173 देसी और विदेशी शराब की दुकानें हैं, जिनका इस बार आरक्षित मूल्य लगभग 1800 करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा, क्योंकि पिछले वर्ष सरकार को 1509 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। नई आबकारी नीति के अंतर्गत बियर, वाइन और रेडी-टू-ड्रिंक के लिए विशेष कैफे खोलने की अनुमति दी जाएगी। प्रदेश के 17 पवित्र शहरों सहित 19 स्थानों पर आगामी वित्त वर्ष से शराब पर प्रतिबंध लगाया गया है, जिससे सरकार को 400 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान होगा, जिसकी भरपाई इंदौर जैसे बड़े जिलों से की जाएगी। इस प्रतिबंध के कारण कुल 47 शराब की दुकानें बंद हो रही हैं।
470 बियर बार को लाइसेंस
वर्तमान में प्रदेश में 470 बियर बारों को लाइसेंस प्राप्त हैं, लेकिन नई नीति के तहत खुलने वाले कैफे की संख्या बढ़ेगी। इन कैफे में 10 प्रतिशत से अधिक वी/वी अल्कोहल नहीं होगा और इनमें हार्ड लीकर जैसे व्हिस्की आदि परोसने और रखने की अनुमति नहीं होगी। ये लो-एल्कोहॉलिक बेवरेज बार के रूप में संचालित किए जाएंगे। इससे पहले जब प्रदेश में शराब दुकानों के साथ अहाते खोले गए थे, तो कई बियर बार बंद कर दिए गए थे, जहां केवल बियर और लो-एल्कोहॉलिक बेवरेज की बिक्री की अनुमति थी।
3600 दुकानों की नीलामी शुरू
प्रदेश सरकार को पंजीयन विभाग के बाद सबसे अधिक राजस्व आबकारी विभाग से प्राप्त होता है। इस वर्ष सरकार को 15,000 करोड़ रुपए से अधिक के राजस्व की उम्मीद है। इसी के तहत आज से प्रदेशभर के 3600 शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसमें इंदौर सहित अन्य प्रमुख शहर शामिल हैं।