कर्नाटक में जैन आचार्य कामकुमार नंदी महाराज की हत्या के विरोध में गुरुवार को इंदौर के कई प्रमुख बाजार बंद रहे। जैन समाज ने बाजार बंद रखने के साथ रीगल चौराहे पर विरोध प्रदर्शन भी किया। इस दौरान लंबे समय तक जाम लगा रहा और पुलिस ने बड़ी मुश्किल रास्ता खुलवाया। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय जैन संघ ने भारत बंद करवाया है। इसी के तहत मध्यप्रदेश में भी जैन समाज सड़कों पर उतर आया। जैन संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जैन आचार्य की हत्या की साजिश में शामिल सभी लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मामले की जांच सीबीआई जांच हो और आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चलाया जाए।
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इंदौर में सभी प्रमुख बाजार बंद
इंदौर में क्लॉथ मार्केट, खजूरी बाजार, जवाहर मार्ग सहित शहर के प्रमुख बाजार नहीं खुले। विश्व जैन संगठन के नेतृत्व में कालानी नगर से कमिश्नर कार्यालय तक वाहन रैली निकाली गई। रैली ने आचार्य विहर्ष सागर महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। रैली खजूरी बाजार, राजबाड़ा, तोपखाना से रीगल तिराहा, कीर्ति स्तंभ होते हुए वापस कमिश्नर कार्यालय पहुंची। यहां प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। राजवाड़ा चौक में भी समाज के लोगों ने नारेबाजी कर नाराजगी जताई।
क्या है मामला?
दस दिन पहले कर्नाटक के बेलगावी की चिक्कोडी तालुक में दिगंबर जैन मुनि काम कुमार नंदी महाराज की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने जैन मुनि के शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें गांव में एक बंद पड़े बोरवेल में फेंक दिया। पुलिस ने दो लोगों नारायण बसप्पा माडी और हसन दलायथ को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि हत्या करीब 6 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर की गई। 6 जुलाई को जैन मुनि काम कुमार के लापता होने की खबर आई। वे नंदी पर्वत आश्रम के अपने कमरे में नहीं मिले, जबकि उनकी पिच्छिका और कमंडल वहीं थे। 5 जुलाई की रात 10 बजे तक उन्हें कमरे में देखा गया था। जैन संत के आश्रम में नहीं मिलने पर उनके शिष्यों की चिंता बढ़ गई। काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिलने पर आचार्य काम कुमार नंदी चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष भीमप्पा उगारे ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने 8 जुलाई को साड़ी में बंधे जैन मुनि के शव के टुकड़े कटकभावी गांव में एक बोरवेल से बरामद किए थे।