नशे का गढ़ बन चुके इंदौर में अब नशे में मिलावट होने लगी है। पुलिस ने एक गिरोह का पता लगाया है जो मिलावट कर नशे को और असरकारी बनाने की कोशिश करता था। उस नशे को इंजेक्शन में भरकर या गोलियां बनाकर पांच सौ रुपये में बेचा जाता था। संयोगितागंज पुलिस ने नशे के तस्कर शहजाद पिता कमरुद्दीन को पकड़ा है, जो राजस्थान प्रतापगढ़ के जावेद लाल गिरोह से जुड़ा है। यह गिरोह अफ्रीम में मिथाईल आक्साईड और कैल्शियम मिलकर क्रूड पाउडर तैयार करता था। शहजाद उसे खरीदकर उसमें प्रतिबंधित दवा अल्प्राजोलम और नाइट्रोवेट की गोलियों के चूरे की मिलावट कर गोलियां तैयार करता था।
पांच सौ रुपये में बेचते थे इंजेक्शन
टीआई तहजीब काजी के अनुसार शहजाद ने इंदौर में नशा बेचने के पैैडलर्स तैयार कर रखे थे। पिछले दिनों उससे जुड़े 12 लोगों को पकड़ चुकी है, लेकिन शहजाद फरार था। ये लोग मिलावट से तैयार पाउडर को गर्म कर उसमे डिस्टिल वाटर डालकर इंजेक्शन में भरते थे। उन्हें छात्रों को, वाहन चालकों को, शहर में नशे की पार्टी अरेंज करने वाले लोगों को
बेचा जाता था।
पत्नी भी बेचती है नशा
पुलिस ने जिस शहजाद को पकड़ा है। उसकी पत्नी वहीदा भी नशे के कारोबार में शामिल है। शहजाद इंदौर में अलग अलग स्थानों पर रहता था, ताकि नशा बेचने के लिए पैडलर बना सके। शहजाद जब शहर से बाहर होता था तो वहीदा नशे की सप्लाई करती थी।