मंदिर को शुद्ध करते यादव समाज के पदाधिकारी।
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इंदौर के प्राचीन गोपाल मंदिर में शादी समारोह को लेकर यादव समाज ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। मंगलवार को समाज से जुड़े पदाधिकारी ने मंदिर पहुंचकर उसे गंगाजल से धो कर शुद्धिकरण किया। समाज ने मामले के दोषियों के खिलाफ एक्शन लेने की मांग भी की है।
यादव समाज के लोग पहले राजवाड़ा पर एकत्र हुए। यहां पहले उन्होंने देवी अहिल्या की प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाए। फिर जय माधव, जय यादव के घोष के साथ मंदिर के सामने पहुंचे। उनके साथ मंदिर को शुद्ध करने के लिए पंडित भी आए थे।
समाज से जुड़े राकेश सिंह ने मंदिर की सफाई की और फिर मंत्रोच्चार के साथ पंडितों ने मंदिर का शुद्धिकरण किया। यादव का कहना था कि पहली बार मंदिर को शादी के लिए किराए पर देने के मामला सामने आया है। यह काम अफसरों के इशारे पर हुआ या इसके पीछे अन्य लोग है। इसकी जांच होना चाहिए।
पदाधिकारियों ने कहा कि मंदिर किराए पर देकर समाज की आस्था को ठेस पहुंचाई गई है। दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए। आपको बता दे कि गोपाल मंदिर में तीन दिन पहले एक विवाह समारोह आयोजित किया गया। मंदिर परिसर में ही मेहमानों को भोजन परोसा गया और वहां काफी गंदगी भी फैली।
191 साल पुराना है मंदिर
गोपाल मंदिर की गिनती प्राचीन मंदिरों में होती है। होलकरशासन काल में निर्माण हुआ था। मंदिर का ढांचा तो व्यवस्थित था, लेकिन परिसर की दूसरे हिस्से टूट चुके थे। पांच साल पहले नगर निगम ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मंदिर की जीर्णोद्धार किया था। इस पर 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। मंदिर को मूल स्वरुप में लाने के लिए निर्माण की पुरानी पद्धति अपनाई गई। चूने, गुड़, मैथी दाने के मिश्रण से दीवारों का प्लास्टर किया गया और पुरानी लकड़ा का इस्तेमाल मंदिर के निर्माण में किया गया था।
पहले भी हो चुकी है पार्टी
गोपाल मंदिर में पिछले साल प्रवासी भारतियों को मंदिर परिसर में भोजन कराया। कांग्रेस नेता पिंटू जोशी ने कहा कि मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने इंदौर में एनआरआई सम्मेलन कराया था। तब भी मंदिर परिसर में पिकनिक जैसा माहौल था। अब आम आदमी ने यह विवाह किया तो इतना हंगामा मचा है, लेकिन नगर निगम ने खुद यहां सालभर पहले भोज दिया था।