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इंदौर: UPI मर्चेंट फीस के विरोध में सड़कों पर उतरे व्यापारी, 23 सितंबर को काले कपड़े से ढंकेंगे QR कोड

Fri, 18 Sep 2026 05:14 PM IST
Arjun Richhariya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर में UPI भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट फीस और GST के विरोध में व्यापारियों ने पोस्टर अभियान शुरू किया है। 23 सितंबर को नो यूपीआई-डे मनाकर QR कोड ढके जाएंगे। व्यापारियों का कहना है कि इस अतिरिक्त शुल्क का भार अंततः ग्राहकों पर पड़ेगा।
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विरोध पर उतरे व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
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इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन ने UPI भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट फीस के विरोध में शुक्रवार से पोस्टर अभियान शुरू कर दिया। एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय जैन सहित पदाधिकारी अलग-अलग बाजारों में पहुंचे और दुकानों पर UPI मर्चेंट फीस के विरोध वाले पोस्टर लगाए। एसोसिएशन ने अगले चार दिनों में सोशल मीडिया के जरिए 10 लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है। आम लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचाने के लिए जल्द ही कॉल सेंटर भी शुरू किया जाएगा। वहीं 23 सितंबर को व्यापारी संगठन नो यूपीआई-डे मनाएंगे।
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फीस और 18% GST के असर से जनता को कराएंगे अवगत
एसोसिएशन का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। ऐसे में UPI पर अतिरिक्त लागत का असर केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं रहेगा। अभियान के दौरान मर्चेंट फीस और उस पर लागू होने वाली 18% GST के संभावित अतिरिक्त भार को सरल उदाहरणों के जरिए लोगों को समझाया जाएगा।

मर्चेंट फीस लागू होने से महंगाई बढ़ने की आशंका
अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि UPI पर 2 हजार रुपए से अधिक के ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR लगाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों ने सरकार के साथ डिजिटल पेमेंट को अपनाया और अब यह व्यापार का जरूरी हिस्सा बन चुका है। सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि इसका असर आम लोगों पर नहीं होगा, लेकिन व्यापारियों को आशंका है कि अतिरिक्त भार अंततः ग्राहकों तक पहुंच सकता है। जैन ने पेट्रोल की कीमतों का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी वस्तु की लागत बढ़ने पर उसका असर दूसरी चीजों की कीमतों पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि छोटे मुनाफे पर कारोबार करने वाले व्यापारियों पर अतिरिक्त कर या शुल्क का भार नहीं डाला जाना चाहिए।
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डिजिटल के बजाय दोबारा नगद कारोबार की ओर लौटने के संकेत
जैन ने कहा कि व्यापारियों से चर्चा में अब नगद लेनदेन की ओर लौटने की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि यदि डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त भार पड़ता है तो कम मार्जिन वाले कारोबार में व्यापारियों को नगद लेनदेन का विकल्प अपनाना पड़ सकता है। व्यापारी पवन पंवार ने कहा कि मर्चेंट फीस का सीधा असर व्यापार पर पड़ेगा। व्यापारियों पर आने वाला अतिरिक्त खर्च अंततः सामान की कीमत में जुड़ सकता है, जिसका असर ग्राहकों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी चाहते हैं कि प्रस्तावित भार वापस लिया जाए।

अहिल्या चेंबर की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति
अक्षय जैन ने बताया कि शुक्रवार शाम अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक होगी। इसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा के साथ UPI मर्चेंट फीस के मुद्दे पर भी व्यापारियों की आगे की रणनीति तय की जाएगी। एसोसिएशन का लक्ष्य अभियान को व्यापक स्तर पर पहुंचाकर इसे जनआंदोलन का रूप देना है।

23 सितंबर को नो यूपीआई-डे मनाने का ऐलान
23 सितंबर को इंदौर में कई व्यापारी संगठन नो यूपीआई-डे मनाएंगे। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि इंदौर के मध्य क्षेत्र के व्यापारी 23 सितंबर को नो यूपीआई डे मनाएंगे। इस दिन वे यूपीआई से पेमेंट बंद रखेंगे। इसके साथ ही यूपीआई साउंड बॉक्स और स्कैनर को काले कपड़े से ढका जाएगा।
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