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Indore: पाक का साथ देना पड़ रहा व्यापार में भारी, इंदौर में तुर्किए के सेब की नो एंट्री

Thu, 15 May 2025 05:16 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

इंदौर थोक फ्रूट मार्केट व्यापारी एसोसिएशन के सचिव नरेश फुंदवानी ने बताया कि अगले महीने कश्मीर और हिमाचल के छोटे आकार के सेब मार्केट में आ जाएंगे। वे 100 से 120 रुपये किलो में मिल जाते है, जबकि विदेशी से 180 से 220 रुपये किलो में मिलते है।
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इंदौर में नहीं बिक रहे तुर्की के सेब। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान में तबाह किए आतंकी ठिकानों के बाद भारत के पक्ष में कई देश नजर आए, लेकिन तुर्किए ने खुलकर पाक का न केवल समर्थन किया, बल्कि पाक के तरफ से हुए हमलों में चीन और उसने हथियार भी भेजे। इस कारण अब देशभर में तुर्किए के साथ व्यापार के बहिष्कार की मुहिम जोर पकड़ने लगी है।

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इंदौर में तुर्किए के सेब आते हैं, लेकिन अब यहां के व्यापारियों ने वहां के सेब के बजाए दूसरे देशों के सेबों की बिक्री का फैसला लिया है। उनका कहना है कि विदेशी सेब ज्यादा महंगे होते हैं, इस कारण वैसे भी उनकी डिमांड कम रहती है। तुर्किए के बजाए अमेरिका और न्यूजीलैंड के फल भी आते हैं। अब उन्हें बेचा जाएगा।
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इंदौर थोक फ्रूट मार्केट व्यापारी एसोसिएशन के सचिव नरेश फुंदवानी ने बताया कि अगले महीने कश्मीर और हिमाचल के छोटे आकार के सेब मार्केट में आ जाएंगे। वे 100 से 120 रुपये किलो में मिल जाते हैं, जबकि विदेशी से 180 से 220 रुपये किलो में मिलते हैं। सस्ते और देशी सेब इंदौर में ज्यादा पसंद किए जाते हैं। तुर्किए के सेब इंदौर में नहीं आने से फर्क नहीं पड़ेगा।
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इंदौर के नंदलालपुरा फ्रूट मार्केट के अध्यक्ष मुकेश पचौरी ने कहा कि शहर में वैसे भी मुंबई से विदेशी फल आते हैं। मुंबई से ही तुर्किए के सेब नहीं आ रहे हैं। हमने भी इंदौर में माल भेजने वाले व्यापारियों को बोल दिया है कि वे तुर्किए के बजाए अन्य देशों के सेब भेजें। दुश्मन देश का साथ देने वाले के साथ हम कारोबार नहीं कर सकते हैं। फल व्यापारी अंकित ने कहा कि तुर्किए के सेब नहीं आने से थोड़ी शॉर्टेज जरूर नजर आ रही है, लेकिन दामों में कोई असर नहीं है। तुर्किए के बजाए अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन के सेब ज्यादा रसीले और मीठे होते हैं। हम वही सेब मंगा रहे हैं।

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