इंदौर में ट्रकों की हड़ताल के कारण गोदामों तक माल नहीं पहुंचा। इससे दूसरे व्यापारी भी परेशान हुए। इंदौर में दवा बाजार, सियागंज, छावनी अनाज मंडी में रोज सैकड़ों ट्रक आते है। ज्यादातर ट्रक रात के समय आते है। मंगलवार को मंडियों तक भी ट्रक नहीं पहुंचे।
कुछ दिनों पहले इंदौर के एरोड्रम मार्ग पर हुए ट्रक हादसे के बाद पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रकों की एंट्री पर सख्ती शुरू कर दी है। ट्रकों को घंटों तक भीतर के मार्गों पर प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इससे ट्रांसपोर्टर नाराज है। पिछले दिनों ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने ट्रकों की हड़ताल का निर्णय लिया था। सोमवार से ट्रकों की हड़ताल शुरू हो गई। इस कारण ट्रकों से माल ढुलाई का काम बंद हो गया है। इससे दूसरे व्यापार भी प्रभावित हो रहे हैं।
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ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के सचिव कपिल शर्मा का कहना है कि सख्ती के नाम पर बेवजह ट्रकों की एंट्री में परेशानी खड़ी की जा रही है। चालान भी बनाए जा रहे हैं, जबकि तय नियमों के अनुसार ही ट्रकों को शहर में प्रवेश की पात्रता तय की गई है। छह से आठ घंटे तक ट्रकों को शहरी सीमा के बाहर खड़ा किया जाता है। इससे समय ज्यादा लग रहा है और ट्रक मालिकों को ड्रायवरों व क्लीनरों को भी अतिरिक्त पैसा देना पड़ रहा है।
इंदौर में ट्रकों की हड़ताल के कारण गोदामों तक माल नहीं पहुंचा। इससे दूसरे व्यापारी भी परेशान हुए। इंदौर में दवा बाजार, सियागंज, छावनी अनाज मंडी में रोज सैकड़ों ट्रक आते हैं। ज्यादातर ट्रक रात के समय ही आते हैं। सोमवार को मंडियों तक भी ट्रक नहीं पहुंचे।