इस अंदाज में मंत्री विजयवर्गीय ने किया ब्रिज का दौरा।
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प्रदेश के पहले डबल डेकर ब्रिज की दूसरी भुजा बनकर तैयार हो चुकी है। इसे 28 अक्टूबर से ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दूसरी भुजा का लोकार्पण करेंगे। ब्रिज पर डामरीकरण का काम पूरा हो चुका है और बिजली भी शुरू हो गई है। फिलहाल रंग-रोगन और सफाई का काम किया जा रहा है। शनिवार को नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ब्रिज की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को तय समय सीमा में सभी काम पूरे करने के निर्देश दिए।
दूसरी भुजा शुरू होने के बाद उज्जैन जाने वाला ट्रैफिक भी इस ब्रिज से होकर गुजरेगा। 28 अक्टूबर को ट्रैफिक के लिए खोली जाने वाली भुजा तीन लेन की है, जबकि दूसरी तीन लेन की भुजा करीब दो महीने पहले ही शुरू की जा चुकी है। दोनों भुजाएं शुरू होने से 70 हजार से ज्यादा वाहनों की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
इस डबल डेकर ब्रिज के निर्माण में करीब तीन साल का समय लगा है। इसके निर्माण पर इंदौर विकास प्राधिकरण ने 300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जमीन से करीब 70 फीट ऊंचा यह ब्रिज एक किलोमीटर से अधिक लंबा है। इस पर वाहन चलाना चालकों के लिए भी एक अलग अनुभव होगा।
पहले इस ब्रिज का निर्माण सिर्फ सुपर कॉरिडोर पर किया जाना था, लेकिन लोकार्पण के दौरान शहरवासियों ने उज्जैन रोड पर भी ब्रिज बनाने की मांग उठाई थी। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डबल डेकर ब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी थी। ब्रिज के नीचे से मेट्रो ट्रेन का ट्रैक भी गुजरता है।
सर्विस रोड पर उड़ रही धूल
डबल डेकर ब्रिज बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसके नीचे बनी सर्विस रोड पर वाहन चालकों को अब भी धूल का सामना करना पड़ रहा है। यहां नियमित और व्यवस्थित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। सर्विस रोड का निर्माण करीब एक महीने पहले ही पूरा हुआ है। ऐसे में ब्रिज शुरू होने से पहले सर्विस रोड की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करना भी जरूरी है।