इंदौर में मुफ्त ट्रेन की सवारी शनिवार को खत्म हो गई। रविवार को लोगों ने टिकट लेकर मेट्रो ट्रेन का सफर किया। छुट्टी के दिन लोग परिवार सहित गांधी नगर स्टेशन आए और ट्रेन में सवार हुए। सात किलोमीटर के सफर के लिए आठ रुपये चुकाना पड़े।
लौटते समय भी बांगड़दा स्टेशन से फिर टिकट लेकर सफर करना पड़ा। टिकट लगने के कारण पहले जैसी भीड़ नहीं थी, फिर भी दिनभर में 4000 से ज्यादा लोगों ने सफर किया। रात तक यात्रियों की संख्या का आंकड़ा और बढ़ गया। रविवार को 26 हजार लोगों यात्रियों ने ट्रेन का सफर किया था। एक सप्ताह में सवा लाख से ज्यादा लोगों ने मेट्रो ट्रेन का सफर किया।
100 फेरे रोज लगाए
मेट्रो ट्रेन कार्पोरेशन ने शुरुआत में 50 फेरे रोज लगाने का फैसला लिया था, लेकिन मुफ्त यात्रा के कारण भीड़ बढ़ी और 100 से ज्यादा फेरे प्रतिदिन लगाए गए। सोमवार से मेट्रो ट्रेन 50 फेरे ही लगाएगी। अभी टिकट जरूर तय किया गया है, लेकिन उसकी दरें भी रियायती हैं। यात्रियों ने रविवार को पांच रुपये न्यूनतम मूल्य चुकाया और सात किलोमीटर के सफर के लिए उनके मात्र आठ रुपये खर्च हुए।
अगले रविवार तक रियायती किराया
रियायती किराया अगले रविवार तक प्रभावी रहेगा। माना जा रहा है कि उसमे बाद यात्रियों की संख्या और कम हो जाएगी। अफसरों का फोकस अब मेट्रो ट्रेन के 17 किलोमीटर हिस्से में ट्रायल रन का है। गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक जब मेट्रो ट्रेन चलेगी तो नियमित यात्री मिल सकेंगे। दो बड़े शैक्षणिक संस्थानों के अलावा टीसीएस और इंफोसिस के कैंपस भी सुपर काॅरिडोर पर हैं। उनमें काम करने वाले कर्मचारी व विद्यार्थियों के लिए सफर और आसान हो जाएगा। अभी सात किलोमीटर में ट्रेन का संचालन हो रहा, वहां कोई बसाहट नहीं है।