इंदौर में डीआरआई और सीबीएन की टीम ने ड्रग तस्करी के बड़े मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी काली थार की स्टेपनी में सात किलो एम्फेटामाइन छिपाकर ले जा रहे थे, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब साढ़े पांच करोड़ है।
इंदौर में तीन ऐसे ड्रग तस्करों को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया, जो बिना नंबर की थार की स्टेपनी में सात किलो एम्फेटामाइन छिपाकर ले जा रहे थे। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत साढ़े पांच करोड़ रुपये है।
विज्ञापन
इंदौर में डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। इस मामले में तीन ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) के अफसर भी शामिल थे।
डीआरआई को सूचना मिली थी कि कर्नाटक के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली काली महिंद्रा थार में तीन लोग साइकोट्रॉपिक पदार्थ एम्फेटामाइन लेकर जा रहे हैं, जो मादक पदार्थ की श्रेणी में आता है। सूचना के आधार पर डीआरआई और सीबीएन की टीम ने बुधवार को बांगड़ स्थित उज्जैन-देवास टोल प्लाजा पर निगरानी शुरू की।
विज्ञापन
कुछ देर बाद संदिग्ध काली थार टोल प्लाजा की तरफ आती दिखाई दी। अधिकारियों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने बैरिकेड तोड़कर वाहन को तेज गति से भगाना शुरू कर दिया। इसके बाद डीआरआई और सीबीएन के अधिकारियों ने करीब डेढ़ घंटे तक वाहन का पीछा किया। आखिरकार इंदौर के बिचौली मर्दाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप के पास वाहन को रोक लिया गया।
वाहन की पूरी तरह तलाशी लेने के लिए थार और उसमें सवार तीनों लोगों को डीआरआई के इंदौर कार्यालय ले जाया गया। यहां वाहन की तलाशी के दौरान पीछे के दरवाजे पर लगी स्टेपनी के टायर के अंदर मादक पदार्थ छिपाकर रखा मिला। स्टेपनी को खोलने पर 21 पैकेट बरामद किए गए। फील्ड टेस्ट किट से जांच करने पर पदार्थ के एम्फेटामाइन होने की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने तीनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया है।मामले में आगे की जांच जारी है।