इंदौर प्रेस क्लब के पत्रकारिता महोत्सव के दूसरे दिन सफल होते वैकल्पिक मीडिया विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इस मौके पर लखनऊ से आए पत्रकार संजय शर्मा ने कहा कि वैकल्पिक मीडिया एक बड़ी ताकत है। खबरों में स्थानीयता और अच्छा कंटेंट उसे आगे ले जा रहा है। इस माध्यम में निरंतरता जरूरी है,तभी असीमित संभावनाओं के आकाश खुले रहेंगे।
पत्रकार भुवनेश सेंगर ने कहा कि वैकल्पिक मीडिया में मेहनत ज्यादा है। स्थापित होने में समय लगता है, लेकिन मेहनत का फल भी मिलता है। यूट्यूब चैनल ठीक ठाक चल जाए तो खर्च निकल सकता है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक मीडिया के कारण बड़े मीडिया संस्थानों के रेवेन्यू में कमी आई है। एआई आने के बाद मीडिया संस्थानों में नौकरियों के अवसर भी कम हो गए है।
पत्रकार चंद्रभान सिंह ने कहा कि आपके कंटेंट में रोचकता होना चाहिए। ताकि पाठक को बांधा जा सके। वैकल्पिक मीडिया पर भरोसा जितना ज्यादा होगा, वह पाठक की उतनी बड़ी पसंद बनेगा। इससे ही पाठक भावनात्मक रूप से जुड़ता है।
फोटो जर्नलिस्ट राजेश सिंह ने कहा,फोटो जर्नलिस्ट की जिंदगी मनरेगा मजदूर जैसी
दसरे सत्र में फोटोग्राफी पर कार्यशाला आयोजित की गई। ख्यात फोटोग्राफर राजेश सिंह ने कहा कि फोटो जर्नलिस्ट की जिंदगी मनरेगा मजदूर जैसी होती है। जिस दिन अच्छा फोटो हो जाता है उस दिन फोटो जर्नलिस्ट हीरो होता है, लेकिन दूसरे दिन फिर उसकी शुरुआत जीरो से होती है। फोटोग्राफर के लिए फील्ड ही सबकुछ है। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफर का प्रमोशन नहीं होता। वो जिंदगीभर फोटोग्राफर ही रहता है। परिचर्चा के बाद प्रेस क्लब द्वारा आयोजित फोटोग्राफी स्पर्धा के पुरस्कार भी बांटे गए।