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Indore: सड़क के बीच में बिछी है नर्मदा लाइन,आसान नहीं होगा एलिवेटेड काॅरिडोर बनाना

Mon, 09 Feb 2026 07:23 AM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर

सार

 एलिवेटेड काॅरिडोर के निर्माण में जमीन के नीचे नर्मदा जल और सीवरेज लाइनों का जाल सबसे बड़ी बाधा बनेगा। पंद्रह साल पुराने बीआरटीएस निर्माण के कड़वे अनुभवों और रिंग रोड के बढ़ते उपयोग ने इस नए कॉरिडोर की उपयोगिता पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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एबी रोड पर अब काॅरिडोर भी बनेगा, फिलहाल एक ब्रिज भी बन रहा है सत्यसांई चौराहा पर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंदौर में छह किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की कवायद की जा रही है, लेकिन उसे बनाना इतना आसान भी नहीं होगा, क्योंकि जब बीआरटीएस कॉरिडोर पंद्रह साल पहले बनाया गया था, तब नर्मदा लाइन सड़क के बीच वाले हिस्से में डाली गई थी। इसके अलावा हर चौराहे पर सीवरेज के बड़े पाइप भी क्रॉस हुए हैं। यदि एबी रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनता है तो जगह-जगह लाइनों को शिफ्ट करना होगा। इसमें काफी समय लगेगा।

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बीआरटीएस निर्माण की समयसीमा दो साल तय की गई थी, लेकिन उसके बनने में पांच साल से अधिक का समय लगा, क्योंकि एबी रोड पर ट्रैफिक का दबाव काफी रहता है। ट्रैफिक को दूसरे रूटों पर भी ज्यादा डायवर्ट नहीं किया जा सकता है। यह परेशानी एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने में भी आएगी।

व्हाइट चर्च चौराहे पर पथरीली जमीन

एलिवेटेड कॉरिडोर के कॉलम बनाने के लिए जमीन में गहरी खुदाई करना होगी। इसमें सबसे ज्यादा समय गीता भवन से जीपीओ के बीच लगेगा। यहां पथरीला हिस्सा है। सीवरेज लाइन बिछाने के लिए इस हिस्से में चट्टानें तोड़ने के लिए विस्फोट का इस्तेमाल किया गया था। यहां लाइन शिफ्ट करना पड़ी तो उसके लिए भी अलग से खुदाई करना होगी।

लंबी दूरी का ट्रैफिक और होगा कम

एलआईजी से भंवरकुआं या राजीव गांधी चौराहे तक शहरवासियों को जाना हो तो वे अब रिंग रोड का उपयोग करने लगे हैं, क्योंकि खजराना चौराहा, बंगाली चौराहा, वर्ल्ड कप चौराहा, पालदा चौराहा पर ब्रिज बनने से अब रिंग रोड पर समय कम लगता है। इस मार्ग पर मुसाखेड़ी और आईटी चौराहे पर भी ब्रिज बन रहे हैं। इसके बाद ट्रैफिक और आसान हो जाएगा। एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर याचिका लगाने वाले अतुल शेठ का कहना है कि रिंग रोड के कारण वैसे ही एबी रोड के ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा। इस कारण एलिवेटेड कॉरिडोर ज्यादा उपयोगी साबित नहीं होगा। पहले जब इसे लेकर सर्वे हुआ था, तब ट्रैफिक चार प्रतिशत आया था।

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