470 फुट बाय 65 फुट के प्रवेश द्वार के ठीक सामने कलश की विशाल प्रतिकृति रखी गई है। दूसरी तरफ 30 फुट की देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा और राजबाड़ा की प्रतिकृति के साथ खजराना गणेश मंदिर की प्रतिकृति भी बनाई गई है। यह आयोजन कृष्णगिरी पीठाधीश्वर आचार्य वसंत विजयानंद गिरि महाराज की अगुवाई में हो रहा हैै।
पांडाल में 25 हजार वर्गफीट में एक यज्ञ शाला तैयार की जा रही है। जिसका काम लगभग पूरा हो चुका है। इस परिसर में बाल क्रीड़ा उद्यान से लेकर संत निवास, मुख्य अतिथि विश्राम स्थल, खोया-पाया वस्तु केंद्र, पुलिस सहायता केंद्र, शिशु पालन केंद्र से लेकर पुरुष और महिला प्रसादम केंद्र तक तैयार किए गए हैं। नौ दिनों तक यज्ञ स्थल पर शाम 7 से रात 10 बजे तक देवी भागवत कथा भी होगी।