इंदौर से शुरू होने वाली इस खबर के अनुसार, सरकार की नई नीतियों, बेहतर बुनियादी ढांचे और 20,000 करोड़ रुपए के भारी-भरकम निवेश के बल पर इंदौर एक बार फिर देश का प्रमुख टेक्सटाइल हब बनने जा रहा है।
इंदौर कभी टेक्सटाइल उद्योग का मुख्य केंद्र हुआ करता था, लेकिन कुछ कारणों से यह पूरी तरह से पिछड़ गया था। अब सरकार की नई नीतियों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आ रहे बदलावों की वजह से इंदौर के टेक्सटाइल उद्योग की चमक एक बार फिर से लौटेगी। जल्द ही इंदौर टेक्सटाइल उद्योग में देश का मुख्य केंद्र बनकर उभरेगा। यहां पर काम करने वाले लोग, ट्रांसपोर्ट के बेहतर माध्यम और अनुकूल रहन-सहन की व्यवस्थाएं मौजूद हैं। इस वजह से यहां पर औद्योगिक विकास तेजी से होगा। यह बातें केतन सांघवी ने इंदौर में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। वे इंडिया इंटरनेशनल टेक्सटाइल मशीनरी एग्जिबिशन्स सोसाइटी के चेयरमैन हैं।
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ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में मिलेंगे वैश्विक अवसर
ग्रेटर नोएडा में 4 से 9 दिसंबर तक टेक्सटाइल मशीनरी प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। उसी सिलसिले में इंदौर के उद्योगपतियों से मिलने के लिए वे इंदौर आए थे। उन्होंने कहा कि इस इवेंट के माध्यम से इंदौर के वस्त्र निर्माताओं और प्रोसेसर्स को वैश्विक तकनीकों एवं व्यावसायिक अवसरों तक पहुंच मिलेगी। आज का बिजनेस लोकल टू ग्लोबल की तर्ज पर होता है। इसलिए हर व्यापारी को अंतरराष्ट्रीय तकनीकों के बारे में जानना आवश्यक है।
मध्य प्रदेश में बढ़ता निवेश और पीएम मित्र पार्क गेम चेंजर
केतन ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश भारत के टेक्सटाइल और परिधान उद्योग के एक उभरते केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। राज्य में निर्माण, गारमेंट उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। नीतिगत सहयोग, बुनियादी ढांचे के विकास और कुशल कार्यबल तैयार करने पर राज्य के फोकस से इस क्षेत्र की क्षमताओं को मजबूती मिल रही है। मध्य प्रदेश में निवेश, रोजगार और व्यावसायिक विकास के नए अवसर पैदा होने की उम्मीदें साफ दिख रही हैं। मध्य प्रदेश में इंदौर के पास धार में पीएम मित्र पार्क के लिए प्रस्तावित 20,000 करोड़ रुपए का निवेश राज्य के टेक्सटाइल इकोसिस्टम को महत्वपूर्ण गति देने की क्षमता रखता है। इससे एकीकृत टेक्सटाइल विनिर्माण को बढ़ावा मिलने और पूरी वैल्यू चेन में निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।
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एआई और आधुनिक तकनीक से इंसानी श्रम की महत्ता कम नहीं होगी
केतन ने कहा कि एआई की वजह से टेक्सटाइल उद्योग में बड़े बदलाव आ रहे हैं। बड़ी मशीनें आती जा रही हैं जो बहुत तेज गति से काम करने की क्षमता रखती हैं। हालांकि एक हद तक ही मशीन काम कर सकती है। उसके बाद अधिकतर काम इंसान को ही करना है। वहीं मशीनों को संभालने के लिए भी इंसान की ही जरूरत है। इसलिए आप खुद नया सीखते जाएं और काम बढ़ाते जाएं। कार्यक्रम में एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन योगेश मेहता, इंटरनेशनल टेक्सटाइल एसोसिएशन के चेयरमैन अवधेश शर्मा, एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रेसिडेंट प्रकाश जैन तथा इंदौर रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आशीष निगम ने भी संबोधित किया।